टौंजा के गांव मिसपिपरी के पास रविवार दोपहर एक ट्रैक्टर पुलिया से टकराकर सड़क किनारे उतरा और उससे जुड़ी ट्रॉली पलट गई। महिलाओं व बच्चों समेत 50 से अधिक लोग ट्रॉली के नीचे दब गए। चीखपुकार पर दौड़े ग्रामीणों ने पुलिस को कॉल करने के साथ ट्रॉली सीधी की। हादसे में तीन बच्चों की मौत हो गई। करीब 50 घायलों को अस्पतालों में भेजा गया। इनमें गंभीर रूप से घायल लोगों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के मुताबिक, बाराबंकी के बड्डूपुर थाने के गांव रमपुरा निवासी श्रीराम रावत रविवार को अपने बेटे सत्यवान का मुंडन संस्कार कराने परिवारीजनों, रिश्तेदारों व अन्य करीबी लोगों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली से इटौंजा के उनई देवी मंदिर जा रहा था। 50 से अधिक लोगों से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली दोपहर 12 बजे इटौंजा के मिसपिपरी गांव में बाबागंज-बीकेटी मार्ग पर पहुंची थी कि एक बाइक सवार को बचाने में चालक कुलदीप हड़बड़ा गया।
बेकाबू ट्रैक्टर पुलिया से टकराते हुए सड़क के नीचे उतरा। उस पर सवार लोग उछल कर सड़क पर गिरे और ट्रॉली पलट गई। हादसा देख आसपास के लोग दौड़े और खासी मशक्कत करके ट्रॉली सीधी की। छह एंबुलेंस व अन्य वाहनों से घायलों को सीएचसी इटौंजा, साढ़ामऊ अस्पताल व ट्रॉमा सेंटर भेजा गया।
सीतापुर के महमूदाबाद थाने के गांव बेघारा निवासी श्रीराम के करीबी रिश्तेदार बबलू रावत की बेटी लक्ष्मी (6) को साढ़ामऊ अस्पताल में मृत घोषित कर दिया। बाराबंकी के घुंघटेर थाने के गांव हसीननगर निवासी सीताराम की बेटी रेशमा (6) व रमपुरवा निवासी कल्लू के बेटे विकास (8) की सीएचसी इटौंजा में मौत हो गई।
श्रीराम की पत्नी गौरी देवी की गोद में बैठा मासूम सत्यवान, उसके दादा कांशीराम, चाचा हनुमान प्रसाद व धनीराम, परिवार की सावित्री, पल्लवी व शांती देवी को ट्रॉमा में भर्ती कराया गया है।