लॉकडाउन के दौरान जम्मू-कश्मीर लौटने वाले दो लाख लोग, नहीं हो सकी रोजगार की व्यवस्था
जम्मू-कश्मीर बील्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर वेलफेयर बोर्ड से 5 लाख के करीब श्रमिक पंजीकृत हैं, जिनमें 3.50 लाख सक्रिय श्रमिक हैं। लॉकडाउन में हजारों श्रमिक बाहरी राज्यों में फैक्ट्री, निजी कंपनी, दुकानों पर काम छोड़कर ट्रेन व बसों से वापस लाए गए। ज्यादातर श्रमिकों को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल से लाया गया। जम्मू-कश्मीर के एक लाख के करीब श्रमिक विभिन्न राज्यों में कार्य करते हैं।
ऐसे लाए गए वापस
लॉकडाउन के दौरान वापस लाए गए दो लाख से अधिक लोगों में 29,963 जम्मू एयरपोर्ट, 48, 680 श्रीनगर एयरपोर्ट, जबकि 41, 680 जम्मू रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे। इन लोगों को वापस लाने के लिए 12 से 15 राज्यों से विशेष ट्रेन और बसें चलाई गईं थीं।
46 हजार प्रवासी श्रमिक गृह राज्य भेजे
जम्मू-कश्मीर से 45,988 प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों के लिए भेजा गया था। इसके लिए कटड़ा से विषेश ट्रेन का परिचालन शुरू किया था। इसमें कश्मीर संभाग से 2792 और जम्मू संभाग से 45988 को वापस भेजा गया था।
लॉकडाउन के दौरान बाहरी राज्यों से लौटे प्रदेश के श्रमिकों को उनके गृह जिले में ही रोजगार देने की व्यवस्था की गई थी। श्रमिकों का कौशल के आधार पंजीकरण किया गया। इसके बाद जिला उपायुक्तों को इन श्रमिकों को विभिन्न सरकारी योजना के तहत जारी कार्य में रोजगार देने की भी व्यवस्था की गई। - अब्दुल राशि वार, आयुक्त, श्रम विभाग जम्मू-कश्मीर
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