जम्मू-कश्मीर में कोरोना की दूसरी लहर घातक होती जा रही है। नए संक्रमित मामलों के साथ मृत्युदर में भी इजाफा हो रहा है। लेकिन थोड़ी सी सावधानी और एहतियात बरतकर कोविड वायरस से बचा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार कोविड प्रोटोकॉल का पालन करके हम खुद के साथ आसपास के लोगों को भी सुरक्षित रख सकते हैं। खासतौर पर शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को अधिक एहतियात बरतने की जरूरत है।
घबराएं नहीं: कोरोना की दूसरी लहर से ऐसे बचें, घातक हो सकती है लापरवाही
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी जम्मू डॉ. जेपी सिंह का कहना है कि संक्रमण का प्रसार अधिकतर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से हो रहा है। ऐसे सामाजिक भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाने से बचें और गैर जरूरी सफर से परहेज करें। कोविड वायरस की वजह से रेस्पिरेटरी ट्रैक में हल्का इंफेक्शन हो जाता है जो कॉमन कोल्ड या सर्दी जुकाम में देखने को मिलता है। इस वायरस के लक्षणों में नाक बहना, सिर में तेज दर्ज, दस्त, खांसी, गला खराब, बुखार, थकान, उल्टी महसूस, सांस लेने में तकलीफ, निमोनिया ब्रोंकाइटिस की शिकायत होती है।
जीएमसी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संदीप डोगरा का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार दूसरी लहर के अधिक गंभीर परिणाम देखे जा रहे हैं। इसमें संक्रमण का तेजी से प्रसार हुआ है। यह वायरस मुख्य रूप से मानव से मानव के संपर्क में आने पर फैलता है, लिहाजा हमें किसी भी बाहरी व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना चाहिए। इसके लिए सुनिश्चित किया जाए कि सामूहिक गतिविधियों से दूर रहें। इसके लिए सामाजिक, धार्मिक, सामुदायिक सम्मेलन या सभा में शिरकत न करें या बहुत कम करें या स्थगित कर दें।
- बाहर से आने पर हाथों को अच्छी तरह धोएं।
- अपने आसपास सफाई का पूरा ध्यान रखें।
- खांसी व छींकते समय अपने मुंह और नाक को अच्छी तरह से ढककर रखें।
- मास्क पहनने को अनिवार्य बनाएं।
- बुखार होने या अन्य लक्षण मिलने पर तुरंत खुद को आइसोलेट करके डॉक्टर की सलाह लें।
कोविड संक्रमित मरीज के लिए ऑक्सीजन सेचुरेशन का खास ख्याल रखने की जरूरत है। इसमें अगर आप घर पर आइसोलेट हैं, तो 4 से 6 घंटे के भीतर नियमित रूप से पल्स ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन सेचुरेशन की रीडिंग लें। इसमें ऑक्सीजन सेचुरेशन 95 से कम नहीं जानी चाहिए। अगर 95 से कम आती है तो अलर्ट हो जाएं और 90 से नीचे आ जाती है तो समझ लीजिए इमरजेंसी है। इसी तरह शारीरिक बुखार 99 डिग्री से ऊपर नहीं जाना चाहिए। अगर बुखार बढ़ रहा है तो समझिए संक्रमण का अधिक असर हुआ है। इसमें 6 घंटे के भीतर पैरासीटामोल 500 मिलीग्राम लें।