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पतझड़ के चिनार पर फिदा हुए सैलानी

Sat, 14 Nov 2015 10:12 PM IST
अमृत पाल सिंह बाली/अमर उजाला, श्रीनगर
अमृत पाल सिंह बाली/अमर उजाला, श्रीनगर Updated Sat, 14 Nov 2015 10:12 PM IST
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पतझड़ के चिनार पर फिदा हुए सैलानी

The tourists were stuck on autumn poplar

कश्मीर में आजकल मौसम एक अलग ही अंदाज में देश भर से आए  पर्यटकों को लुभा रहा है। चारों और लाल सुर्ख रंग के चिनार के पत्ते एक अलग ही फिजा का एहसास दिला रहे हैं। पतझड़ का यह मौसम न सिर्फ कश्मीर की सुंदरता में रंग बिखेर रहा है, बल्कि यहां आए पर्यटकों का मन भी मोह ले रहा है।कश्मीर अपनी सुंदरता और बदलते मौसम के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है और हर मौसम में इसका एक अलग ही मजा है। यही कारण है कि देश-विदेश से पर्यटक कश्मीर घूमने आते हैं और यहां के सुंदर नजारे देश-विदेश से आए पर्यटकों को लुभाते हैं।



पतझड़ के चिनार पर फिदा हुए सैलानी

The tourists were stuck on autumn poplar

अगर आजकल की बात करें तो चारों ओर एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। पतझड़ कश्मीर को एक अनोखे अंदाज में पेश करता दिख है। रौंगटे खडे़ करने वाली ठंड और नजारों में बिखरे चिनार के सुर्ख  पत्तों की लाली सांसों को थमा देती है, जिसे अनुभव करने के लिए आजकल देश-विदेश से पर्यटक कश्मीर घूमने आ रहे हैं। श्रीनगर का निशात मुगल बाग हो, शालीमार मुगल बाग हो या फिर चिनार बाग, हर जगह चिनार के ये पेड़ आजकल एक अनोखा ही नजारा पेश कर रहे हैं। गुजरात से घूमने आए सपन पटेल का कहना था कि उन्होंने पहली बार ऐसा नजारा देखा है और इसे देखकर एक अलग ही अनुभव उन्हें हुआ, जो वह कभी नहीं भूल पाएंगे।

पतझड़ के चिनार पर फिदा हुए सैलानी

The tourists were stuck on autumn poplar

उनका कहना था कि जब चिनार के पेड़ों के पत्ते जमीन पर  बिखर जाते हैं, तो ऐसा अनुभव होता है कि जैसे लाल कालीन बिछा हुआ है। वहीं एक और पर्यटक रश्मि पटेल के अनुसार पैरों के नीचे सूखे लाल पत्ते आ जाएं तो हलकी आवाज दिल की धड़कन को तेज कर देती है और इस अद्भुत एहसास का आनंद उठाकर हर कोई बस यह कहने पर मजबूर हो जाता है कि   अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है तो बस यहीं पर है। गौरतलब है कि चिनार के यह पत्ते अक्तूबर के महीने से ही धीरे-धीरे लाल होना शुरू हो जाते हैं और जैसे ही यह लाल पत्ते जमीन पर गिरना शुरू हो जाते हैं तो इसी के साथ कश्मीर में भी ठंड का आगमन भी शुरू हो जाता है।

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पतझड़ के चिनार पर फिदा हुए सैलानी

The tourists were stuck on autumn poplar

कश्मीर में पतझड़ के इस मौसम का इंतजार न सिर्फ यहां आने वाले पर्यटक बेसब्री से करते हैं, बल्कि यहां के लोगों को भी चिनार के पेड़ों से गिरने वाले इन लाल पत्तों का बेसब्री से इंतजार होता है। इस मौसम को देखने देश दुनिया की बड़ी-बड़ी  हस्तियां भी यहां आती रही हैं। खासकर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी का  भी सबसे पसंदीदा मौसम यही पतझड़ था और आज भी यह मौसम लाखों  पर्यटकों को कश्मीर की ओर आकर्षित कर रहा है।

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