पिछले तीन दशकों में जम्मू-कश्मीर के बहुत सारे युवा सफेदपोशों के बहकावे में आकर बर्बाद हुए हैं। कश्मीर की आबोहवा में जहर घोलने वाले दो तबके हैं। पहले तबके में वो लोग हैं जो आतंकी फैक्टरी चलाते हैं, लेकिन उनके बच्चे अच्छी जिंदगी जी रहे हैं। ये लोग कश्मीर के युवाओं को बर्बाद कर पैसा कमा रहे हैं। दूसरा तबका वो है जो इनका शिकार होता है।
हाल ही में सेना के एक अधिकारी ने कहा कि हमें दूसरे तबके को बचाना है जिससे हम हिंसा के इस चक्र को खत्म कर सकें। ये हिंसा तब तक चलती रहेगी जब तक सफेदपोशों से पीड़ित परिवार ये सवाल नहीं करेंगे कि तुम्हारे बच्चे हथियार क्यों नहीं उठाते। आज हम आपको एक ऐसी ही कहानी से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिसमें थियेटर आर्टिस्ट के रूप में पहचान रखने वाला एक युवा कट्टरता के जहर से खूंखार आतंकी बना और मारा गया।
साल 2018 में श्रीनगर के मुजगुंड में मारा गया आतंकी साकिब बिलाल फिल्म ‘हैदर’ में चॉकलेट ब्वॉय बना था। मशहूर फिल्म निर्माता, निर्देशक विशाल भारद्वाज की इस फिल्म में उसने कैमियो किया था। फिल्म में हिंसा हो जाने पर बस से उतरकर भागने का सीन भी उसके हिस्से आया। बांदीपोरा के हाजिन का रहने वाला साकिब बिलाल रील में जिस हिंसा से भागा था वही रियल में हिंसक बन गया था।
थियेटर आर्टिस्ट के रूप में पहचान रखने वाला साकिब फुटबाल, कबड्डी और ताइक्वांडो का भी अच्छा खिलाड़ी था। साल 2018 में 31 अगस्त को वह एक अन्य युवक के साथ घर से लापता हो गया था। जिसके बाद उसकी एक फोटो वायरल हुई तो पता चला कि वह आतंकी बन गया। उसकी रुचि इंजीनियरिंग में थी। उसे फुटबाल खेलने और देखने का भी बेहद शौक था।
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आतंकवाद
- फोटो : अमर उजाला
एक संपन्न किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाला साकिब थियेटर कलाकार के रूप में टैगोर हाल में हुए स्टेज शो ‘व्यथ छि यहए’ (यह नदी है) में भी हिस्सा लिया था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि साकिब अपने एक दोस्त के साथ 31 अगस्त से लापता था। इसके बाद दोनों आतंकवाद में शामिल हुए थे। दोनों युवक फुटबाल के काफी शौकीन थे और हाजिन ईदगाह में खेला करते थे।
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