लोकसभा चुनाव के बीच जिले में आठ आईईडी समेत हथियारों का भारी जखीरा बरामद होने के एक दिन बाद शाहदरा शरीफ इलाके में आतंकियों ने हमला कर दिया। ड्यूटी से घर लौटे समाज कल्याण विभाग के एक कर्मचारी की आतंकियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या कर दी। घटना कुंडा टोपा गांव में सोमवार रात करीब 8:30 बजे की है।
Target Killing: चुनाव के बीच राजोरी में टारगेट किलिंग, सैनिक के भाई की हत्या, एक सप्ताह में दूसरी वारदात
राजोरी में मस्जिद से नमाज पढ़कर घर लौट रहे समाज कल्याण विभाग के एक कर्मचारी की पहले से घात लगाकर बैठे आतंकियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या कर दी।
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मृतक की मां ने बताया, 'वह (रजाक) ड्यूटी से आया था और मवेशियों के लिए चारा डाल रहा था। फिर, उसने खाना खाया और किसी ने लाल हुसैन को बुलाया। हम बाहर गए। बंदूक के साथ एक व्यक्ति वहां खड़ा था। फिर, कुछ देर बाद, हमने गोलियों की आवाज सुनी... मेरे पति की भी उसी जगह हत्या कर दी गई थी।'
Rajouri, J&K | The victim's wife says, "One person came and asked to call Lal Hussain, my husband also came. They told me to make food for 15 people. Then, they went near the house and fired at my husband, I saw one person in black clothes and long hair and had a bag with him. We… https://t.co/Ha2jInl6OL pic.twitter.com/A5u3hi1SAV
रजाक की पत्नी ने बताया, 'एक व्यक्ति आया और लाल हुसैन को बुलाने के लिए कहा, मेरे पति भी आए। उन्होंने मुझे 15 लोगों के लिए खाना बनाने के लिए कहा। फिर, वे घर के पास गए और मेरे पति पर गोली चला दी, मैंने एक व्यक्ति को काले कपड़े में देखा कपड़े और लंबे बाल और उसके पास एक बैग था। हमने आवाज सुनी और वहां जाकर देखा तो मेरे पति की मौत हो गई थी, फिर वे भाई के पास गए जो सेना में हैं।'
मृतक के छोटे भाई टीए जवान को निशाना बनाने आए थे आतंकी
बताते हैं कि आतंकी रजाक के छोटे भाई ताहिर चौधरी उर्फ लाल हुसैन को निशाना बनाए आए थे जो सेना की टेरीटोरियल आर्मी में हैं। अनजाने में उन्होंने रजाक को अपनी गोलियों का निशाना बना डाला। आतंकी हमले की जानकारी मिलते ही ताहिर को परिवार वालों ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया।
12 साल पहले पिता को भी आतंकियों ने गला रेत कर मार डाला था
रजाक के पिता मोहम्मद अकबर की भी 12 साल पहले आतंकवादियों ने गला रेत कर निर्मम हत्या कर दी थी। उसके बाद ही रजाक को अपने पिता की जगह एसआरओ 143 में नौकरी मिली थी। रजाक का परिवार शुरू से ही आतंकवादियों के निशाने पर रहा है।
एक सप्ताह में दूसरा आतंकी हमला
इससे पहले 17 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग आतंकियों ने कायराना हरकत की थी। जिसमें आतंकियों ने बिहार के युवक की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। लक्षित हत्या की यह वारदात लोकसभा चुनाव के बीच जबलीपोरा इलाके में हुई थी। युवक राजू शाह जबलीपोरा में परिवार के साथ किराए पर रहता था और पकौड़े की रेहड़ी लगाता था।