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श्रीनगर में तीन माह बाद स्कूलों में दिखी रौनक, शहर की सड़कों पर दौड़ती नजर आईं बसें
Wed, 20 Nov 2019 12:07 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 20 Nov 2019 12:07 AM IST
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स्कूलों में पहुंचने लगे बच्चे
- फोटो : बासित जरगर
कश्मीर घाटी में लगभग तीन माह बाद मंगलवार को निजी स्कूलों में विशेष रूप से रौनक नजर आई। सार्वजनिक यातायात बहाल होने के साथ-साथ श्रीनगर की सड़कों पर स्कूली बसें दौड़ रही थीं। लंबे समय के बाद स्कूलों में बच्चों की भीड़ थी। घाटी में जनजीवन पटरी पर लौटता दिख रहा है।
स्कूलों में पहुंचने लगे बच्चे
- फोटो : बासित जरगर
जम्मू कश्मीर से 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाने की घोषणा के बाद से घाटी में स्कूल बंद थे। हालांकि प्रशासन ने पूर्व में ही स्कूलों को खोलने के निर्देश दिये थे परंतु यातायात साधनों की कमी के कारण बच्चे कम संख्या में स्कूल पहुंच रहे थे।
स्कूलों में पहुंचने लगे बच्चे
- फोटो : बासित जरगर
श्रीनगर के राजबाग इलाके में स्थित एक निजी स्कूल के बाहर मंगलवार सुबह से ही चहल पहल देखने को मिली। स्कूल के बाहर प्राईवेट वैन और अभिभावकों की भीड़ नजर आयी। एक अभिभावक फारूक अहमद ने बताया कि अब श्रीनगर में हालात थोड़े पटरी पर लौटे हैं और सड़कों पर वाहन भी चलने लगे हैं इसके कारण ही बच्चों को स्कूल भेजना शुरू किया है।
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स्कूलों में पहुंचने लगे बच्चे
- फोटो : बासित जरगर
पहले न तो कम्यूनिकेशन था और न ही ट्रैफिक। सुरक्षा की चिंता के कारण बच्चों की स्कूल नहीं भेज रहे थे। एक अन्य अभिभावक निसार अहमद ने बताया कि पिछले तीन महीने से बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित हुई है। हमें काफी खुशी हो रही है कि हम एक बार फिर बच्चों की पढ़ाई शुरू करवा पा रहे हैं।
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स्कूलों में पहुंचने लगे बच्चे
- फोटो : बासित जरगर
बच्चों को स्कूल यूनिफार्म के बगैर आने के निर्देश
इतना ही नहीं स्कूलों द्वारा सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक स्कूल के संचालन का टाइम रखा है और बच्चों से वर्दी के बिना स्कूल आने को कहा गया है। बता दें कि 5 अगस्त के बाद पैदा हुई स्थिति के बाद प्रशासन द्वारा सितंबर के पहले हफ्ते से स्कूलों को खोलने के निर्देश दे दिये गए थे। जिसके बाद से स्कूलों में स्टाफ तो आना शुरू हो गया था लेकिन बच्चों की हाजरी नहीं देखने को मिल रही थी।
इतना ही नहीं स्कूलों द्वारा सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक स्कूल के संचालन का टाइम रखा है और बच्चों से वर्दी के बिना स्कूल आने को कहा गया है। बता दें कि 5 अगस्त के बाद पैदा हुई स्थिति के बाद प्रशासन द्वारा सितंबर के पहले हफ्ते से स्कूलों को खोलने के निर्देश दे दिये गए थे। जिसके बाद से स्कूलों में स्टाफ तो आना शुरू हो गया था लेकिन बच्चों की हाजरी नहीं देखने को मिल रही थी।