जम्मू कश्मीर में बर्फबारी और बारिश से भारी नुकसान हुआ है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे लगातार दूसरे दिन बंद रहा। हाईवे पर लगभग तीन हजार वाहन फंसे हुए हैं। इससे पहले 24 घंटों में प्रदेश में पर्वतीय इलाकों में भारी हिमपात और मैदानी इलाकों में गरज के साथ बारिश होने से मुगल रोड समेत कई सड़कों को नुकसान पहुंचा है। बिजली गिरने से 50 से ज्यादा ट्रांसफार्मर को क्षति पहुंची है। कठुआ जिले में ही 43 ट्रांसफार्मरों को क्षति पहुंची है। पिछले 24 घंटों में जम्मू में 32.4 और श्रीनगर में 39.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है।
मौसम की बेरुखीः पहाड़ों पर भारी बर्फबारी, हाईवे पर पत्थर गिरने से फंसे 3000 वाहन
जम्मू-श्रीनगर हाईवे के बनिहाल-रामबन खंड में विभिन्न स्थानों पर बारिश से पांच स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। परिणाम स्वरूप, जम्मू, नगरोटा, उधमपुर, रामबन, चेनानी, बटोटे, बनिहाल और कठुआ में 3000 से अधिक वाहन विभिन्न स्थानों पर फंसे हैं। बुधवार को पस्सियां गिरने के कारण शाम 5.15 बजे हाईवे को बंद कर दिया गया था।
वहीं गुलमर्ग, पहलगाम समेत कश्मीर घाटी के अन्य पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज हुई है। कश्मीर के अधिकतर क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान माइनस से नीचे रिकॉर्ड हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, कश्मीर के अधिकांश हिस्सों सहित घाटी के मैदानी इलाकों में रात भर बर्फबारी हुई। विश्व प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग में रात को लगभग दो फीट बर्फबारी दर्ज की गई। जबकि पहलगाम में 11 इंच बर्फबारी हुई।
पहलगाम में न्यूनतम तापमान माइनस 1.2 डिग्री सेल्सियस, गुलमर्ग में माइनस 4.0 डिग्री सेल्सियस, श्रीनगर में माइनस 0.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जम्मू में अधिकतम तापमान 20.7 और न्यूनतम तापमान 12.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। श्री माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा में अधिकतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
राजोरी जिले के बल जरालां गांव में बारिश के चलते एक मकान ढह गया। बारिश और ओलावृष्टि के चलते जम्मू व अन्य जिलों में धान की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।