फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

हमारा पानी हमें ही मिलेगा: शाहपुर कंडी परियोजना के नवंबर 2022 तक चालू होने की उम्मीद

Fri, 11 Jun 2021 10:38 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 11 Jun 2021 10:38 AM IST
विज्ञापन
Shahpur Kandi project on border of Jammu and Kashmir and Punjab is expected to be commissioned by November 2022
शाहपुर कंडी परियोजना - फोटो : अमर उजाला

जम्मू-कश्मीर और पंजाब की सीमा पर तैयार हो रही शाहपुर कंडी परियोजना के नवंबर 2022 तक चालू होने की उम्मीद है। यह भारत की आजादी के 75वें वर्ष को चिह्नित करने वाली प्रमुख घटनाओं में से एक होगा। इसका उद्देश्य भारतीय क्षेत्र में रावी नदी के पूरे पानी का उपयोग करना है, जिसका बड़ा लाभ कठुआ जिले को मिलने वाला है। परियोजना के पूरा होने पर जम्मू संभाग का कम सिंचित क्षेत्र जिसे कंडी बेल्ट के रूप में जाना जाता है, वह कंडी के रूप में नहीं जाना जाएगा। ये बातें केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहीं। 



उन्होंने कहा कि 1960 की सिंधु जल संधि (इंडस वॉटर ट्रीटी) को तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान द्वारा हस्ताक्षरित किया गया था। इसके तहत भारत को तीन पूर्वी नदियों व्यास, रावी और सतलुज के पानी पर नियंत्रण दिया गया, जबकि पाकिस्तान को तीन पश्चिमी नदियों सिंधु, चिनाब और झेलम पर नियंत्रण दिया गया। भारत के हिस्से की रावी नदी का पानी पाकिस्तान में बहता रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप ने इस विसंगति को ठीक करने का काम किया और सही मायनों में सिंधु जल संधि पर काम शुरू हो पाया है। 

 

Shahpur Kandi project on border of Jammu and Kashmir and Punjab is expected to be commissioned by November 2022
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इसे समझ की कमी कहेंगे कि जब भी सीमा पार से गोलीबारी होती थी या पाकिस्तान के साथ तनावपूर्ण संबंध होते, तो क्षेत्र के कई नेता तुरंत पाकिस्तान में बहने वाले पानी का प्रवाह रोकने की बात कह देते थे, लेकिन वे इस तथ्य से अनजान थे कि बांध के बिना भारत का अधिकांश पानी पाकिस्तान में बह रहा है। कहा कि जैसे ही इस मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संज्ञान में लाया गया, उन्होंने परियोजना के तत्काल पुनरुद्धार के लिए व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया।


 
Shahpur Kandi project on border of Jammu and Kashmir and Punjab is expected to be commissioned by November 2022
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरा होने के साथ ही जम्मू-कश्मीर में कठुआ और सांबा के सीमावर्ती जिले और पंजाब में पठानकोट और गुरदासपुर जिले सिंचाई और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता के साथ मुख्य लाभार्थी होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Shahpur Kandi project on border of Jammu and Kashmir and Punjab is expected to be commissioned by November 2022
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

मुख्य बांध का लगभग 63 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इसके पूरा होने पर शाहपुर कंडी बांध परियोजना कठुआ और सांबा जिलों में पड़ने वाले 32000 हेक्टेयर और जिला पठानकोट में पड़ने वाले 5000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा प्रदान करेगी।

विज्ञापन
Shahpur Kandi project on border of Jammu and Kashmir and Punjab is expected to be commissioned by November 2022
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि यह परियोजना पर्यटन संभावनाओं में भी विस्तार करेगी और और इस सीमा क्षेत्र में लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed