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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Mehbooba Mufti questions Central Government and Omar Abdullah over US Ambassador visit to Jammu and Kashmir

जम्मू-कश्मीर: '2019 से पहले और बाद के विदेशी दौरों में फर्क क्यों?' महबूबा बोलीं- मेहमानों के दौरे क्यूरेटेड

Thu, 20 Aug 2026 03:46 PM IST
Rahul Kumar Tiwari पीटीआई, जम्मू-कश्मीर
पीटीआई, जम्मू-कश्मीर Published by: Rahul Kumar Tiwari Updated Thu, 20 Aug 2026 03:46 PM IST
सार

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर दौरे पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 2019 से पहले विदेशी राजनयिक अलग-अलग वर्गों से मिलते थे, लेकिन अब दौरे तयशुदा होते हैं। 
 

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Mehbooba Mufti questions Central Government and Omar Abdullah over US Ambassador visit to Jammu and Kashmir
अमेरिकी राजदूत के J&K दौरे पर महबूबा का तंज - फोटो : अमर उजाला GFX

विस्तार

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर दौरे को लेकर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब किसी राजदूत, खासकर अमेरिका के राजदूत ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि 2019 से पहले और उसके बाद होने वाले विदेशी राजनयिकों के दौरों में अंतर है।
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महबूबा मुफ्ती ने कहा कि 'यह पहली बार नहीं है जब किसी राजदूत, खासकर अमेरिका के राजदूत ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया है। फर्क सिर्फ इतना है कि 2019 से पहले जब भी राजदूत यहां आते थे, वे समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों, पर्यटन, व्यापार, आदिवासी समुदायों और अलग-अलग विचार रखने वाले लोगों से मुलाकात करते थे। इसके बाद वे स्थिति को लेकर अपनी समझ के साथ वापस लौटते थे।'
 
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उन्होंने कहा कि 2019 के बाद विदेशी गणमान्य लोगों के जम्मू-कश्मीर दौरे तयशुदा तरीके से कराए जाते हैं। महबूबा ने कहा कि, 'वे यहां आते हैं, मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल से मुलाकात करते हैं, शिकारा की सवारी करते हैं और किसी अन्य से मिले बिना वापस चले जाते हैं।'
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'J&K की समस्याओं का समाधान अमेरिका नहीं कर सकता'
पीडीपी प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दों के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान से सहमति जताई। उन्होंने कहा, 'मैं उमर साहब (अब्दुल्ला) से सहमत हूं कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दों और समस्याओं का समाधान अमेरिका नहीं कर सकता, उन्हें नई दिल्ली को ही संबोधित करना होगा।' हालांकि, महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि उमर अब्दुल्ला कम से कम अमेरिकी राजदूत को जम्मू-कश्मीर के लोगों की चिंताओं के बारे में बताते। 
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