31 अक्तूबर से जम्मू कश्मीर पूर्ण रूप से देश का हिस्सा होगा। कानून व्यवस्था पूरी तरह से बदल जाएगी। इसके लिए राज्य में सुरक्षा के भी पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। जम्मू में एक बार फिर से रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) तैनात की गई है, तो दूसरे स्थानों पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती कर दी गई है। थानेदारों को अगले एक सप्ताह अपने-अपने थाना क्षेत्र में मौजूद रहने के लिए कहा गया है। शहर के चौक चौराहों पर कंटीली तार रख दी गई है। ताकि अगर अप्रिय घटना हो तो उसी समय कार्रवाई की जा सके।
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सुरक्षाबल अलर्ट
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, सब जगहों पर कंटीली तार रखी गई है। अगर कहीं कोई विवाद होता है, तो तैयारी पूरी रहनी चाहिए। शहर के तमाम सार्वजनिक स्थानों, संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती कर दी गई है। सभी पुलिस नाकों पर भी पुलिस कर्मियों के साथ अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। सभी क्षेत्रों में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
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पुलिस के तमाम अधिकारी अपने-अपने स्तर पर बंदोबस्त में जुटे हैं। उच्च स्तर पर लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर मंथन किया गया है। अधिकारियों को लगातार आपस में संपर्क करने के लिए कहा गया है। डीएसपी स्तर के अधिकारी लगातार अपने-अपने इलाके के हालातों से उच्च अधिकारियों को अवगत करा रहे हैं।
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सुरक्षा व्यवस्था रूटीन : उपायुक्त
जिला प्रशासन की ओर से रूटीन के तौर पर सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। किसी तरह का बंद नहीं किया जा रहा है। फोन बंद करने की भी अफवाहें हैं। जिला प्रशासन की ओर से ऐसे कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। -सुषमा चौहान, उपायुक्त, जम्मू
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एहतियात के तौर पर सुरक्षा मजबूत की गई
दरबार मूव हो रहा है। 31 अक्तूबर को जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश बनने जा रहा है। लगातार आतंकी हमलों के इनपुट भी मिल रहे हैं। एहतियात के तौर पर शहर में सुरक्षा कड़ी की गई है। रही बात कंटीली तार की, तो यह पहले की लगी हुई है।-तेजिंदर सिंह, एसएसपी, जम्मू