फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

राजनाथ सिंह बोले: विश्व के लिए साहस और पराक्रम की मिसाल है रेजांग ला का मोर्चा, पढ़ें शहीदों की शौर्यगाथा

Thu, 18 Nov 2021 09:25 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 18 Nov 2021 09:25 PM IST
विज्ञापन
Rajnath said that Rezang La front is an example of courage and might for world
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : @rajnathsingh

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन से जारी गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 1962 के युद्ध में भारतीय सेना के साहस और पराक्रम की मिसाल रेजांग ला मोर्चे को याद किया। रक्षा मंत्री ने रेजांग ला में पुनरुद्धार से तैयार किए गए युद्ध स्मारक का उद्घाटन करते हुए कहा कि रेजांग ला में भारतीय सेना की बहादुरी का अध्याय इतिहास के पन्नों के साथ हमारे दिलों की धकड़न में भी हमेशा के लिए दर्ज है।



रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 18 हजार फीट की ऊंचाई पर भारतीय सेना के 100 जांबाजों ने चीन को वो क्षति पहुंचाई थी, जिसकी मिसाल पूरी दुनिया में दी जाती है। 59 वर्ष पूर्व की वह शौर्यगाथा चीन से युद्ध की सबसे शानदार घटना है। रक्षा मंत्री ने कहा कि रेजांग ला को विश्व में युद्ध इतिहास के दस सबसे बड़े और चुनौतीपूर्ण युद्ध मोर्चों में गिना जाता है।

Rajnath said that Rezang La front is an example of courage and might for world
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : @rajnathsingh

मेजर शैतान सिंह और उनके साथी जवानों ने अंतिम गोली और अंतिम सांस तक दुश्मन के मंसूबों को नाकाम कर बहादुरी व बलिदान का नया अध्याय लिखा था। उन्होंने कहा - मैं उन 114 भारतीय सैनिकों को सलाम करता हूं, जो 1962 के युद्ध में रेजांग ला में प्राणों की आहुति देकर असाधारण वीरगाथा लिखने में कामयाब हुए। 


 
Rajnath said that Rezang La front is an example of courage and might for world
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) आरबी जतार - फोटो : @rajnathsingh
रेजांग ला मोर्चे में शामिल ब्रिगेडियर भी पहुंचे

ऐतिहासिक रेजांग ला मोर्चे पर भारतीय सेना का हिस्सा रहे ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) आरबी जतार भी रेजांग ला लाए गए। व्हील चेयर पर बैठे जतार को खुद रक्षा मंत्री अपने साथ लेकर चले। उन्होंने कहा कि वे ब्रिगेडियर जतार के प्रति सम्मान से भरे हुए हैं। वे उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना करते हैं।


 
विज्ञापन
विज्ञापन
Rajnath said that Rezang La front is an example of courage and might for world
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : @rajnathsingh
18 घंटे के घनघोर युद्ध में लिखी थी पराक्रम की दास्तान

रेजांग ला मोर्चे पर चीन और भारत की सेनाओं में 18 नवंबर 1962 की सुबह चार बजे से घनघोर युद्ध शुरू हुआ था। कुमाउं रेजीमेंट में 13वीं बटालियन की सी कंपनी का नेतृत्व मेजर शैतान सिंह कर रहे थे। चीन के सैनिकों की संख्या बहुत ज्यादा होने पर भी सी कंपनी के जांबाजों ने रेजांग ला नहीं छोड़ा। दुश्मन को रेजांग ला में भारतीय सेना से कहीं ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। मेजर शैतान सिंह समेत उनके साथी जवानों ने चीनी सेना से लड़ते वीरगति प्राप्त की। मेजर शैतान सिंह को मरणोपरांत सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।

विज्ञापन
Rajnath said that Rezang La front is an example of courage and might for world
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : @rajnathsingh
एलएसी पर अभी भी दोनों तरफ 50-60 हजार सैनिक

वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गतिरोध के बीच भारत और चीन की सेनाओं का भारी जमावड़ा है। डेढ़ साल से जारी तनातनी को खत्म करने के लिए 13 चरण की बातचीत हो चुकी है। भारतीय सेना ने हाल ही में कहा था कि तेरहवें चरण की बातचीत के बावजूद गतिरोध जारी है। एलएसी के दोनों तरफ संवेदनशील सेक्टर में 50 से 60 हजार सैनिक तैनात हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed