आतंकवाद के दौर में जम्मू-कश्मीर से मुंह मोड़ लेने वाले बॉलीवुड को फिर से आकर्षित करने के लिए नई फिल्म नीति की तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं। इसमें खास जोर ऐसे क्षेत्रों पर होगा जो खूबसूरती की मिसाल हैं और अब तक पर्यटन के नक्शे पर नहीं हैं। प्रदेश के सभी 20 जिलों में इसके लिए लोकेशन डायरेक्ट्री तैयार की जा रही है। इसमें उस लोकेशन में उपलब्ध पर्यटन क्षेत्र की खूबियां, सुविधाओं का जिक्र होगा ताकि फिल्म निर्माता लोकेशन डायरेक्ट्री के आधार पर अपनी फिल्म की शूटिंग के लिए स्थान चयनित कर सकें।
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गुलमर्ग
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों ने बताया कि जल्द ही नई नीति की घोषणा की जा सकती है। फिल्म नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा लोकेशन डायरेक्ट्री को बनाया गया है जिसके आधार पर फिल्म जगत से जुड़े लोग अपनी फिल्मों की शूटिंग के लिए लोकेशन तय कर सकेंगे। इस डायरेक्ट्री में लोकेशन का नाम, पता, कनेक्टिविटी व आवासीय व्यवस्था आदि का जिक्र होगा।
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सूत्रों ने बताया कि सभी 20 जिलों के डीसी को लोकेशन डायरेक्ट्री बनाने के लिए गूगल फॉर्म का विकल्प दिया गया है। इसमें लोकेशन की कैटगरी भी बताने को कहा गया है जिसमें रिहायशी, व्यावसायिक, औद्योगिक आदि का जिक्र करना होगा। लोकेशन गांव, कस्बा या शहर है, इसकी भी जानकारी होगी। कनेक्टिविटी के साधन हवाई, ट्रेन, रोड या चॉपर में से किससे हो सकता है इसकी भी जानकारी मिलेगी। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड से दूरी, नजदीकी हैलीपेड की जानकारी होगी। इसके साथ ही लोकेशन पर आवासीय व्यवस्था कैसी होगी। टू स्टार, थ्री स्टार, फोर स्टार, फाइव स्टार होटल होंगे या फिर अन्य विकल्प होगा। सूत्रों का कहना है कि इस डायरेक्ट्री से एक नजर में अपनी मनपसंद लोकेशन चुन सकते हैं।
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नब्बे के दशक में आतंकवाद का दौर शुरू होने के बाद यहां से फिल्मी जगत ने नाता तोड़ लिया। बेहतरीन लोकेशन होने के बाद भी साउंड-कैमरा-एक्शन की गूंज बंद हो गई। कश्मीर की वादियों में कई बेहतरीन फिल्मों की शूटिंग हुई है जिसे अब भी लोग याद करते हैं। खासकर वे जब कश्मीर आते हैं तो फिल्म के उस दृश्य को जरूर याद कर अपनी तस्वीरें कैद करते हैं। अनुच्छेद 370 हटने के बाद छिटपुट शूटिंग का सिलसिला शुरू हुआ। इसमें डल में वीडियो एलबम की पिछले दिनों शूटिंग की गई।
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उप राज्यपाल प्रशासन दोबारा यह दौर शुरू करने के प्रयास में है। इसके लिए बॉलीवुड तक दस्तक दी गई है। पिछले दिनों मुंबई में कई फिल्मी हस्तियों ने उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात कर शूटिंग शुरू करने की इच्छा जताई। यहां राजभवन में भी मायानगरी के कई निर्माता-निर्देशक मिले। सभी ने बेहतरीन माहौल उपलब्ध होने पर जम्मू-कश्मीर में दोबारा शूटिंग शुरू करने का भरोसा दिलाया है।