कारावास विभाग के डीजी हेमंत कुमार लोहिया की हत्या का आरोपी बताया जा रहा यासिर स्कूल ड्रॉपआउट है। उसकी निजी डायरी में पुलिस को ऐसी शायरी लिखी मिली है, जिसका मजमून जिंदगी से नफरत और मौत को गले लगाना चाहता है।
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आरोपी यासिर
- फोटो : पुलिस
हत्या के कुछ ही घंटों के बाद पकड़े गए 23 वर्षीय यासिर लोहार ने अपनी डायरी में टूटी फूटी हिंदी और अंग्रेजी में शायरी लिखी है। उसे देखकर पुलिस दावा कर रही है कि यासिर ने अवसाद में डीजी कारावास की बेरहमी से हत्या की है।
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डीजीपी जेल हेमंत कुमार लोहिया(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
यासिर ने डायरी पर एक जगह लिखा है ‘मै अपनी जिंदगी को फिर से शुरू करना चाहता हूं’ फिर लिखा है - जिंदगी तो बस तकलीफ देती है, सुकून तो मौत ही देती है। हर दिन उम्मीदों के साथ शुरु होकर बुरे अनुभव के साथ खत्म होता है।
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डीजीपी जेल हेमंत कुमार लोहिया
- फोटो : अमर उजाला
उसने लिखा है - मैं 99 फीसदी गम में हूं और मेरे चेहरे पर 100 फीसदी फर्जी मुस्कुराहट है। मैं दस फीसदी खुश हूं, लेकिन जिंदगी में शून्य फीसदी प्यार और नब्बे फीसदी तनाव है। मैं अपनी जिंदगी से नफरत करता हूं, जो मुझे सिर्फ दर्द देती है। मैं नई शुरुआत के लिए बस अपनी मौत का इंतजार कर रहा हूं।
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आरोपी यासिर
- फोटो : amar ujala
यासिर ने आशिकी 2 फिल्म के मशहूर गीत की पंक्तियां ‘भुला देना मुझे, है अलविदा तुझे’ को भी डायरी में लिखा है। एडीजीपी मुकेश सिंह ने कहा कि प्रारंभिक जांच बता रही है कि यासिर का व्यवहार गुस्सैल था। उसके अवसादग्रस्त होने की बात सामने आई है।