संचार सेवाएं बंद होने से आतंक का गढ़ कहलाने वाले दक्षिण कश्मीर के इस इलाके में लोग दिक्कतों को सामना कर रहे थे लेकिन पुलिस थानों में बनाए गए मुफ्त लैंडलाइन टेलीफोन केंद्रों ने उन्हें काफी राहत पहुंचाई। संचार पाबंदी के कारण कश्मीर घाटी से बाहर काम करने वालों के परिजन काफी परेशान थे और वह अपने रिश्तेदारों व परिचितों से बात करने के लिए बेताब थे।
तस्वीरेंः आतंक के गढ़ अनंतनाग में पुलिस बनी देवदूत, घर-घर जाकर पूछा- फोन तो नहीं करेंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 06 Sep 2019 11:22 AM IST
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