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नए साल के जश्न की है तैयारी, तो ये हैं आपके लिए उम्दा मंजिलें..
Fri, 27 Dec 2019 08:07 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 27 Dec 2019 08:07 PM IST
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पर्यटन स्थल
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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नए साल में चंद दिन ही बचे हैं। कम समय होने के कारण लोग अपने परिवार संग घर रहकर नए साल का स्वागत करना चाहते हैं। तो वहीं कुछ लोग अभी भी बाहर जानें की योजना बना रहे हैं। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसी जगहों के बारे में जहां जाकर नए साल का जश्न मनाना आपके लिए यादगार होगा। नए साल के स्वागत में जम्मू-कश्मीर, मनाली, शिमला, कुफरी सहित लेह-लद्दाख के मौसम ने भी करवट बदली है। मौसम के मिजाज को देखते हुए लोगों ने नए साल के स्वागत के लिए उत्तरी भारत को चुना है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल की सुंदरता बर्फबारी के बाद दोगुनी बढ़ गई है। दोनों प्रदेशों में हर तरफ बर्फ ही बर्फ नजर आ रहा है।
श्रीनगर
- फोटो : अमर उजाला, फाइल
श्रीनगर
जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर है। श्रीनगर मुगल काल से ही गरमी के लिहाज से सबसे अच्छी जगह मानी जाती रही है। जिसके चलते कई मुगल बादशाहों ने इस श्रीनगर में कई बागों का निर्माण करवाया। इन बागों में सबसे प्रसिद्ध है निशात बाग। वहीं श्रीनगर की खूबसूरती में चार चांद लगती डल झील की एक अपनी ही बात है। घरनुमा वोट (हाउसवोट) से भरी डल झील की अपनी ही एक खूबसूरती है। जल रात मे देखने और भी खूबसूरत लगती है। श्रीनगर के चिनार के पेड़ और कश्मीरी शाल और लालचौक विश्वप्रसिद्ध हैं।
जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर है। श्रीनगर मुगल काल से ही गरमी के लिहाज से सबसे अच्छी जगह मानी जाती रही है। जिसके चलते कई मुगल बादशाहों ने इस श्रीनगर में कई बागों का निर्माण करवाया। इन बागों में सबसे प्रसिद्ध है निशात बाग। वहीं श्रीनगर की खूबसूरती में चार चांद लगती डल झील की एक अपनी ही बात है। घरनुमा वोट (हाउसवोट) से भरी डल झील की अपनी ही एक खूबसूरती है। जल रात मे देखने और भी खूबसूरत लगती है। श्रीनगर के चिनार के पेड़ और कश्मीरी शाल और लालचौक विश्वप्रसिद्ध हैं।
कारगिल
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
कारगिल
कारगिल में 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई हुई थी। वैसे यह स्थान मुख्य से बौद्ध पर्यटन केंद्र के रुप में प्रसिद्ध है। यहां बौद्धों के कई प्रसिद्ध मठ स्थित है। मठों के अतिरिक्त यहां कई अन्य चीजें भी घूमने लायक है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। ट्रैकिंग का शौक रखने वालों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। अगर आप कारगिल आ रहे है तो वार मेमोरिअल जरूर देखें।
कारगिल में 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई हुई थी। वैसे यह स्थान मुख्य से बौद्ध पर्यटन केंद्र के रुप में प्रसिद्ध है। यहां बौद्धों के कई प्रसिद्ध मठ स्थित है। मठों के अतिरिक्त यहां कई अन्य चीजें भी घूमने लायक है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। ट्रैकिंग का शौक रखने वालों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। अगर आप कारगिल आ रहे है तो वार मेमोरिअल जरूर देखें।
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लेह
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
लेह
लेह को अपने आकार के कारण 'दुनिया की छत' भी कहा जाता है। यह नगर 3,520 मीटर की ऊंचाई तक उठे अत्तुंग पर्वतीय क्षेत्र पर स्थित है, इसके चारों ओर इससे अधिक ऊंचे पर्वतों का घेरा है। लेह स्थायी आबादी वाले दुनिया के सबसे ऊंचे नगरों में से एक है। लेह भारत के सबसे ठंडे शहरों में से एक है। लेह में पर्वत और नदियों के अलावा भी कई ऐतिहासिक इमारतें मौजूद हैं। यहां बड़ी संख्या में खूबसूरत बौद्ध मठ हैं जिनमें बहुत से बौद्ध भिक्षु रहते हैं। लेह में लद्दाखी संस्कृति और परंपरा से जुड़ी कई चीजें खरीदी जा सकती हैं। लेह में मिलने वाले सामानों में पशमीना शॉल सबसे अधिक लोकप्रिय है। यह शॉल बेहद गर्म और नर्म होती है।
लेह को अपने आकार के कारण 'दुनिया की छत' भी कहा जाता है। यह नगर 3,520 मीटर की ऊंचाई तक उठे अत्तुंग पर्वतीय क्षेत्र पर स्थित है, इसके चारों ओर इससे अधिक ऊंचे पर्वतों का घेरा है। लेह स्थायी आबादी वाले दुनिया के सबसे ऊंचे नगरों में से एक है। लेह भारत के सबसे ठंडे शहरों में से एक है। लेह में पर्वत और नदियों के अलावा भी कई ऐतिहासिक इमारतें मौजूद हैं। यहां बड़ी संख्या में खूबसूरत बौद्ध मठ हैं जिनमें बहुत से बौद्ध भिक्षु रहते हैं। लेह में लद्दाखी संस्कृति और परंपरा से जुड़ी कई चीजें खरीदी जा सकती हैं। लेह में मिलने वाले सामानों में पशमीना शॉल सबसे अधिक लोकप्रिय है। यह शॉल बेहद गर्म और नर्म होती है।
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सोनमर्ग
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
सोनमर्ग
समुद्र सतह से 2740 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सोनमर्ग जम्मू और कश्मीर राज्य में स्थित एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। बर्फ से आच्छादित पहाड़ों से घिरा हुआ सोनमर्ग शहर जोजी-ला दर्रे के पहले स्थित है। सोनमर्ग का शाब्दिक अर्थ है “सोने के मैदान”। इस स्थान का नाम इस तथ्य के आधार पर पड़ा कि वसंत ऋतु में यह सुंदर फूलों से ढंक जाता है जो सुनहरा दिखता है। सोनमर्ग श्रीनगर-लेह मार्ग से 87 किमी नार्थ-ईस्ट में स्थित है। सोनमर्ग भारत और चीन को जोड़ने का सिल्क रुट का मुख्यद्वार है।
समुद्र सतह से 2740 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सोनमर्ग जम्मू और कश्मीर राज्य में स्थित एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। बर्फ से आच्छादित पहाड़ों से घिरा हुआ सोनमर्ग शहर जोजी-ला दर्रे के पहले स्थित है। सोनमर्ग का शाब्दिक अर्थ है “सोने के मैदान”। इस स्थान का नाम इस तथ्य के आधार पर पड़ा कि वसंत ऋतु में यह सुंदर फूलों से ढंक जाता है जो सुनहरा दिखता है। सोनमर्ग श्रीनगर-लेह मार्ग से 87 किमी नार्थ-ईस्ट में स्थित है। सोनमर्ग भारत और चीन को जोड़ने का सिल्क रुट का मुख्यद्वार है।