गुरुत्वाकर्षण के नियम के अनुसार, अगर हम किसी वस्तु को ढलान पर छोड़ दें तो वह नीचे की तरफ लुढ़केगी, लेकिन लद्दाख की चुंबकीय पहाड़ी पर ऐसा नही होता। यहां हम किसी कार को अगर गियर में डालकर छोड़ दें तो कार ढलान पर नीचे की ओर न जाकर ऊपर की ओर चढ़ती है।
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चुंबकीय पहाड़ी, लद्दाख
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यहां पर किसी तरल पदार्थ को भी बहाने पर वह नीचे की तरफ न जाकर ऊपर की तरफ बहता है। गाड़ियां तेल से नहीं बल्कि अपने आप चलती हैं। इस पहाड़ी के आसपास अगर कोई रात को अपनी गाड़ी खड़ी कर दे तो सुबह तक उसे अपनी गाड़ी ही नहीं मिलेगी। यह कैसे होता है, अब तक रहस्य ही बना हुआ है। ये रहस्यमयी पहाड़ी लद्दाख के लेह क्षेत्र में है। यह पहाड़ी किसी जादू से कम नहीं है।
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चुंबकीय पहाड़ी, लद्दाख
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वैज्ञानिकों का मानना है कि इस पहाड़ी में चुंबकीय शक्ति है, जो गाड़ियों को करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अपनी ओर खींच लेती है। इसीलिए इसे 'मैग्नेटिक हिल' कहा जाता है। इस मैग्नेटिक हिल को 'ग्रैविटी हिल' के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि इस पहाड़ी पर गुरुत्वाकर्षण का नियम फेल हो जाता है।
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चुंबकीय पहाड़ी, लद्दाख
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वैज्ञानिकों का मानना है कि पहाड़ी में गजब की चुंबकीय शक्ति है। इस पहाड़ी की चुंबकीय शक्ति से आसमान में उड़ने वाले जहाज भी नहीं बच पाते हैं। इस पहाड़ी के ऊपर से उड़ान भर चुके कई पायलटों का दावा है कि यहां उड़ान भरते समय हवाई जहाज में कई झटके महसूस होते हैं।
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चुंबकीय पहाड़ी, लद्दाख
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हवाई जहाज को पहाड़ी की चुंबकीय शक्ति से बचाने के लिए जहाज की रफ्तार बढ़ा दी जाती है। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि इस पहाड़ी के आसपास की क्षेत्रीय संरचना 'दृष्टि भ्रम' जैसा माहौल पैदा करती है, जिससे नीचे की तरफ लुढ़कती हुई वस्तु ऊपर की तरफ चढ़ती दिखाई देती है।