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लोकसभा चुनाव 2019: बिगुल बजा, जम्मू-कश्मीर में सभी दल बाजी मारने में जुटे
Mon, 11 Mar 2019 01:15 AM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 11 Mar 2019 01:15 AM IST
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Lok Sabha Election 2019 Jammu Kashmir
- फोटो : अमर उजाला
चुनावी बिगुल बज गया है। सभी दल इसी के साथ मैदान मारने में जुट गए हैं। जम्मू सीट पर नेकां ने पूर्व आईएएस अफसर बीआर कुंडल पर दांव आजमाया है। अन्य किसी भी दल ने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। उधमपुर संसदीय सीट से पैंथर्स ने हर्षदेव सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। डोगरा स्वाभिमान संगठन से पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह का लड़ना तय माना जा रहा है। यहां से नेकां और कांग्रेस संयुक्त प्रत्याशी उतारकर नए सियासी समीकरण बनाने में जुटी हैं। अगले कुछ दिनों में सभी दलों की ओर से प्रत्याशी की घोषणा होने के साथ ही चुनावी समर और परवान चढ़ेगा।
जम्मू लोकसभा सीट
Lok Sabha Election 2019 Jammu Kashmir
- फोटो : अमर उजाला
सभी दलों को दिया है मौका
जम्मू लोकसभा सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा है। हालांकि, राममंदिर और वाजपेयी फैक्टर से नब्बे के दशक में भाजपा ने कांग्रेस को कड़ी टक्कर दी थी। वर्ष 2014 में मोदी लहर में इस सीट पर भाजपा ने कब्जा जमाया। इस सीट पर सर्वाधिक आठ बार कांग्रेस ने कब्जा जमाया है। भाजपा को चार बार जीत मिली है। नेकां को एक और निर्दलीय प्रत्याशी को एक-एक बार मौका मिला है। इस संसदीय सीट में 20 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें सांबा, विजयपुर, नगरोटा, गांधीनगर, जम्मू पूर्व, जम्मू पश्चिम, बिश्नाह, आरएस पुरा, सुचेतगढ़, मढ़, रायपुर दोमाना, अखनूर, छंब, नौशेरा, दरहाल, राजोरी, कालाकोट, सूरनकोट, मेंढर और पुंछ शामिल हैं।
जीत का सेहरा
1967 इंद्रजीत मल्होत्रा कांग्रेस
1971 इंद्रजीत मल्होत्रा कांग्रेस
1977 ठाकुर बलदेव सिंह निर्दल
1980 गिरधारी लाल डोगरा कांग्रेस
1984 जनक राज गुप्ता कांग्रेस
1989 जनक राज गुप्ता कांग्रेस
1991 वैद्य विष्णु दत्त भाजपा
1996 मंगत राम शर्मा कांग्रेस
1998 वैद्य विष्णु दत्त भाजपा
1999 वैद्य विष्णु दत्त भाजपा
2002 चौधरी तालिब हुसैन नेकां
2004 मदन लाल शर्मा कांग्रेस
2009 मदन लाल शर्मा कांग्रेस
2014 जुगल किशोर शर्मा भाजपा
जम्मू लोकसभा सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा है। हालांकि, राममंदिर और वाजपेयी फैक्टर से नब्बे के दशक में भाजपा ने कांग्रेस को कड़ी टक्कर दी थी। वर्ष 2014 में मोदी लहर में इस सीट पर भाजपा ने कब्जा जमाया। इस सीट पर सर्वाधिक आठ बार कांग्रेस ने कब्जा जमाया है। भाजपा को चार बार जीत मिली है। नेकां को एक और निर्दलीय प्रत्याशी को एक-एक बार मौका मिला है। इस संसदीय सीट में 20 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें सांबा, विजयपुर, नगरोटा, गांधीनगर, जम्मू पूर्व, जम्मू पश्चिम, बिश्नाह, आरएस पुरा, सुचेतगढ़, मढ़, रायपुर दोमाना, अखनूर, छंब, नौशेरा, दरहाल, राजोरी, कालाकोट, सूरनकोट, मेंढर और पुंछ शामिल हैं।
जीत का सेहरा
1967 इंद्रजीत मल्होत्रा कांग्रेस
1971 इंद्रजीत मल्होत्रा कांग्रेस
1977 ठाकुर बलदेव सिंह निर्दल
1980 गिरधारी लाल डोगरा कांग्रेस
1984 जनक राज गुप्ता कांग्रेस
1989 जनक राज गुप्ता कांग्रेस
1991 वैद्य विष्णु दत्त भाजपा
1996 मंगत राम शर्मा कांग्रेस
1998 वैद्य विष्णु दत्त भाजपा
1999 वैद्य विष्णु दत्त भाजपा
2002 चौधरी तालिब हुसैन नेकां
2004 मदन लाल शर्मा कांग्रेस
2009 मदन लाल शर्मा कांग्रेस
2014 जुगल किशोर शर्मा भाजपा
उधमपुर लोकसभा सीट
Lok Sabha Election 2019 Jammu Kashmir
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस व भाजपा ने लगाई है हैट्रिक
उधमपुर सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा है। कुल 12 चुनावों में आठ बार कांग्रेस ने इस सीट पर कब्जा किया है। भाजपा को चार बार जीत का स्वाद मिला है। 1990 के बाद से इस सीट पर कांग्रेस को भाजपा ने कड़ी टक्कर दी है। इससीट पर अब तक कांग्रेस और भाजपा को छोड़कर अन्य कोई भी पार्टी या निर्दल जीत नहीं पाया है। कांग्रेस के टिकट पर डा. कर्ण सिंह ने 1967, 1971 व 1977 में हैट्रिक लगाई है। 1996, 1998 व 1999 में भाजपा के चमन लाल गुप्ता भी हैट्रिक लगाने में सफल रहे हैं। 17 विधानसभा क्षेत्र के मतदाता इस सीट के लिए वोट डालते हैं। इनमें किश्तवाड़, इंद्रवाल, डोडा, भद्रवाह, रामबन, बनिहाल, गुलाबगढ़, रियासी, गूल अरनास, उधमपुर, चिनैनी, रामनगर, बनी, बसोहली, कठुआ, बिलावर व हीरानगर शामिल हैं।
उधमपुर सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा है। कुल 12 चुनावों में आठ बार कांग्रेस ने इस सीट पर कब्जा किया है। भाजपा को चार बार जीत का स्वाद मिला है। 1990 के बाद से इस सीट पर कांग्रेस को भाजपा ने कड़ी टक्कर दी है। इससीट पर अब तक कांग्रेस और भाजपा को छोड़कर अन्य कोई भी पार्टी या निर्दल जीत नहीं पाया है। कांग्रेस के टिकट पर डा. कर्ण सिंह ने 1967, 1971 व 1977 में हैट्रिक लगाई है। 1996, 1998 व 1999 में भाजपा के चमन लाल गुप्ता भी हैट्रिक लगाने में सफल रहे हैं। 17 विधानसभा क्षेत्र के मतदाता इस सीट के लिए वोट डालते हैं। इनमें किश्तवाड़, इंद्रवाल, डोडा, भद्रवाह, रामबन, बनिहाल, गुलाबगढ़, रियासी, गूल अरनास, उधमपुर, चिनैनी, रामनगर, बनी, बसोहली, कठुआ, बिलावर व हीरानगर शामिल हैं।
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श्रीनगर लोकसभा सीट
Lok Sabha Election 2019 Jammu Kashmir
- फोटो : अमर उजाला
अब्दुल्ला परिवार का रहा है दबदबा
इस सीट पर अब्दुल्ला परिवार का दबदबा रहा है। फारूक के साथ ही उमर भी यहां से सांसद रह चुके हैं। यह सीट शुरू से ही नेशनल कांफ्रेंस का गढ़ रही है। 2009 तक हुए 11 चुनावों में नौ बार नेकां को जीत मिली है। 2014 के चुनाव में पीडीपी के तारिक हमीद कर्रा को कामयाबी मिली। बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ दी और कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके बाद हुए उपचुनाव में नेकां प्रमुख डा. फारूक अब्दुल्ला को जीत मिली। कांग्रेस को एक बार जीत मिली है जबकि एक बार निर्दल प्रत्याशी भी संसद तक पहुंचने में सफल रहा है। इस सीट के तहत 15 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें कंगन, गांदरबल, हजरतबल, जदिबल, ईदगाह, खानयार, हब्बाकदल, अमीराकदल, सोनवार, बटमालू, चाडूरा, बीरवाह, बडगाम, खान साहिब व चरार-ए-शरीफ हैं।
इस सीट पर अब्दुल्ला परिवार का दबदबा रहा है। फारूक के साथ ही उमर भी यहां से सांसद रह चुके हैं। यह सीट शुरू से ही नेशनल कांफ्रेंस का गढ़ रही है। 2009 तक हुए 11 चुनावों में नौ बार नेकां को जीत मिली है। 2014 के चुनाव में पीडीपी के तारिक हमीद कर्रा को कामयाबी मिली। बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ दी और कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके बाद हुए उपचुनाव में नेकां प्रमुख डा. फारूक अब्दुल्ला को जीत मिली। कांग्रेस को एक बार जीत मिली है जबकि एक बार निर्दल प्रत्याशी भी संसद तक पहुंचने में सफल रहा है। इस सीट के तहत 15 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें कंगन, गांदरबल, हजरतबल, जदिबल, ईदगाह, खानयार, हब्बाकदल, अमीराकदल, सोनवार, बटमालू, चाडूरा, बीरवाह, बडगाम, खान साहिब व चरार-ए-शरीफ हैं।
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बारामुला लोकसभा सीट
Lok Sabha Election 2019 Jammu Kashmir
- फोटो : अमर उजाला
नेकां का ही रहा है वर्चस्व
बारामुला संसदीय सीट पर भी नेकां का ही वर्चस्व रहा है। अब तक इस सीट पर आठ बार नेकां को जीत मिली है। कांग्रेस को तीन बार जीत का स्वाद मिला है। नेकां-कांग्रेस के बाद 2014 के चुनाव में पहली बार पीडीपी ने इस सीट को अपनी झोली में किया। इस सीट के तहत करनाह, कुपवाड़ा, लोलाब, हंदवाड़ा, लंगेट, उड़ी, राफियाबाद, सोपोर, गुरेज, सोनाबाड़ी, संग्रामा, बारामुला, गुलमर्ग व पट्टन विधानसभा आते हैं।
बारामुला संसदीय सीट पर भी नेकां का ही वर्चस्व रहा है। अब तक इस सीट पर आठ बार नेकां को जीत मिली है। कांग्रेस को तीन बार जीत का स्वाद मिला है। नेकां-कांग्रेस के बाद 2014 के चुनाव में पहली बार पीडीपी ने इस सीट को अपनी झोली में किया। इस सीट के तहत करनाह, कुपवाड़ा, लोलाब, हंदवाड़ा, लंगेट, उड़ी, राफियाबाद, सोपोर, गुरेज, सोनाबाड़ी, संग्रामा, बारामुला, गुलमर्ग व पट्टन विधानसभा आते हैं।