सीमा सड़क संगठन ने बुधवार रात सोनमर्ग - द्रास हाईवे पर छह घंटे बचाव अभियान चलाकर बर्फ में फंसे 300 लोगों की जिंदगियां बचाईं और 105 वाहनों को ट्रोचिंग कर द्रास की तरफ सुरक्षित पहुंचाया। जबकि एक वाहन को नहीं निकाला जा सका। बताया जाता है कि 106 वाहन बुधवार को सोनमर्ग से द्रास के लिए जा रहे थे। इस दौरान बीच रास्ते में बर्फबारी और हिमस्खलन सभी वाहन फंस गए। इसकी सूचना मिलने के बाद बीआरओ की 122 आरसीसी ने बुधवार शाम सात बजे बचाव अभियान शुरू किया।
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बीआरओ ने बर्फ में फंसे 300 लोगों को बचाया
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान वाहनों में फंसे लगभग 300 लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उन्हें कंबल, गर्म कपड़े और भोजन सामग्री प्रदान की गई। इसके बाद वाहनों को ट्रोचिंग कर द्रास की तरफ पहुंचाया गया। एक वाहन में खराबी आ जाने के कारण उसे तत्काल नहीं हटाया जा सका। इस पूरे अभियान का नेतृत्व 32 बीआरटीएफ के कर्नल मुकेश कुमार कर रहे थे। जबकि कैप्टन विक्रम जाधव और जेई अमनदीप सिंह की मुुख्य भूमिका रही।
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बीआरओ ने बर्फ में फंसे 300 लोगों को बचाया
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आज बंद हो जाएगा जोजिला पास
मालूम हो कि इस बार बीआरओ ने जोजिला पास को पूरे सीजन चलाने की घोषणा की थी परंतु अमर उजाला द्वारा इस मामले को इस रास्ते पर होने वाली बर्फबारी और हिमस्खलन की ओर ध्यान आकृष्ट कराए जाने के बाद साल के अंतिम दिन 31 दिसंबर को इस सड़क को बंद करने की घोषणा की गई। अब इस सड़क को मार्च में यातायात के लिए खोला जाएगा।
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बीआरओ ने बर्फ में फंसे 300 लोगों को बचाया
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले 21 नवंबर से शुरू किए गए एक ऑपरेशन में करीब 6 लाईट मोटर व्हीकल (एलएमवी) और 5 हेवी मोटर व्हीकल (एचएमवी) को बीआरओ के जवानों ने हिमस्खलन के दौरान रेसक्यू किया। करीब 15 से अधिक लोगों की जान बचाई।
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बीआरओ ने बर्फ में फंसे 300 लोगों को बचाया
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इस ऑपरेशन को कैप्टन विक्रम जाधव, जेई अमनदीप सिंह, जेई शाम राणा, जेई पीके शुक्ल, जेई जतिंदर की निगरानी में बीआरओ के कई जवानों ने अंजाम दिया।