कश्मीर के तुलमुला में कश्मीरी पंडितों का प्रसिद्ध मंदिर है, जो कश्मीर में होने वाले किसी भी परिवर्तन या संकट का संदेश देता है। मान्यता है कि रावण की भक्ति से प्रसन्न होकर मां राज्ञा माता (क्षीर भवानी या राग्याना देवी) ने रावण को दर्शन दिए थे। जिसके बाद रावण ने उनकी स्थापना श्रीलंका की कुलदेवी के रूप में की थी।
मान्यता: लंका से कश्मीर ऐसे पहुंचीं रावण की कुलदेवी? 'चश्मे' का पानी करता है भविष्यवाणी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 02 Apr 2021 06:44 PM IST
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