श्रीनगर में आतंकी हमले में मारे गए दवा कारोबारी माखन लाल बिंदरू के बेटे डॉ. सिद्धार्थ बिंदरू ने कहा कि उनके पिता सिद्धांतों के पक्के थे। किसी भी प्रकार की धमकी उनके पिता को कश्मीर के लोगों की सेवा से नहीं रोक सकती थी। वे एक सामान्य व्यक्ति थे लेकिन कार्य के प्रति समर्पण के बल पर उन्होंने घाटी में नाम कमाया था। उनके नैतिक मूल्यों और सिद्धांतों की वजह से हर कश्मीरी उनकी व उनके काम की इज्जत करता था। वह हमेशा हम लोगों को घाटी में रहने की प्रेरणा देते थे। कहते थे कि यह हमारी मातृभूमि है। 1990 से वे जानते थे कि जान को खतरा है लेकिन वे एक बहादुर इंसान थे। उन्होंने क भी भी खतरे के कारण पुनीत कार्य को नहीं रोका।
कश्मीरी पंडित बिंदरू हत्याकांड: बेटा बोला- पिताजी कहते थे 'यह हमारी मातृभूमि है, खतरे के बाद भी लोगों की सेवा की'
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बिंदरू की बेटी डॉ. श्रद्धा बिंदरू ने एक वीडियो में आतंकियों को ललकारा है। पेशे से एसोसिएट प्रोफेसर बिटिया ने कहा, मैंने कुरान पढ़ी है। उसमें पढ़ा है कि शरीर का चोला बदल जाएगा, लेकिन उसका जज्बा कहीं जाएगा। यदि आपमें हिम्मत है तो सामने आकर डिबेट करो। सिर्फ पत्थर ही मार सकते हो, पीछे से गोलियां चला सकते हो। क्या किया, सिर्फ एक शरीर ही उड़ा दिया न? इतनी औकात है तो सामने आकर डिबेट करें।
श्रीनगर के मेयर जुनैद अजीम मट्टू ने कहा कि हफ्त चिनार चौक से जहांगीर चौक (जहां माखन लाल बिंदरू की दवा दुकान है) तक के रास्ते का नाम बदलकर बिंदरू पर किया जाएगा। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि रास्ते का नामकरण करने के लिए प्रस्ताव सदन में रखा जाएगा।