हाथों में मेहंदी के चटख रंग। चूड़ियों की खनक। उसपर सोलह शृगार। शाम ढलने के साथ चांद के दीदार की उत्सुकता का बढ़ना। करवाचौथ पर वीरवार को कुछ ऐसा ही नजारा था। रात 8:42 बजे चांद के दिखाई देने के साथ महिलाओं ने अर्घ्य दिया। इसके बाद पति के हाथों पानी पीकर व्रत तोड़ा। महिलाओं ने करवाचौथ की सरगी सास व घर के बुजुर्ग को देकर सुहागिन रहने का आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
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करवाचौथ जम्मू
- फोटो : अमर उजाला
सुहागिन महिलाओं ने वीरवार तड़के सरगी खाई। फिर दिनभर निराहार रहीं। सूर्यास्त के दौरान महिलाओं ने सज संवर कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने थालियों की अदला-बदली भी की। इसके बाद थाली को घर के सबसे बुजुर्ग को देकर सुहागिन रहने का आशीर्वाद प्राप्त किया। शहर के गांधीनगर स्थित ग्रीन बेल्ट पार्क के पंच मंदिर और रिहाड़ी में जंज घर में सामूहिक कार्यक्रम हुआ। इसमें बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाएं पहुंची थी। महिलाओं ने रीति रिवाज के साथ पूजा-अर्चना की।
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करवाचौथ जम्मू
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नवविवाहितों के लिए सुसराल से आए उपहार
नवविवाहित महिलाओं के लिए सुसराल की तरफ से उपहार स्वरूप कपड़े, श्रृंगार, नारियल आदि सामान आया। इस दौरान नवविवाहितों ने पूजा की रस्म पूरी की। कई युवतियों ने भी व्रत रखा।
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करवाचौथ जम्मू
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वीडियो कॉलिंग से पति का किया दीदार
करवाचौथ पर महिलाओं ने वीडियो कॉलिंग से अपने पति को देखकर व्रत खोला। ऐसी महिलाएं जिनके पति दूसरे राज्यों में या सेना में हैं उन्होंने चांद को अर्घ्य दिया फिर वीडियो कॉल के जरिये पति से जुड़ीं।
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करवाचौथ जम्मू
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चंद्रमा ने करवाया इंतजार
करवाचौथ पर चंद्रमा ने महिलाओं को थोड़ा इंतजार भी करवाया। पंडितों ने सवा आठ बजे चंद्रमा के निकलने की बात कही थी, लेकिन चंद्रमा 8:42 पर निकला। रात आठ बजे से महिला अपने घर की छत पर चांद के इंतजार में बैठे रहीं। चांद के दीदार के साथ ही जमकर आतिशबाजी भी हुई।