करवाचौथ की खरीदारी से बुधवार को बाजारों में रौनक रही। पटेल बाजार में सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई। श्रृंगार के सामान की खरीदारी से लेकर मेहंदी लगवाने के लिए महिलाओं में होड़ रही। ज्यादातर महिलाओं को राजस्थानी, मंडाल, क्रिस क्रॉस डिजाइन की मेहंदी पसंद आई। पटेल बाजार में मेहंदी के 30 स्टॉल लगे थे। हर स्टॉल पर एक साथ पांच से दस महिलाओं को मेहंदी लगवाते देखा गया। यहां मेहंदी लगाने वाले अधिकांश लोग उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार से थे। यहां दोनों हाथों पर मेहंदी लगवाने के लिए तीन से छह सौ रुपये लिए जा रहे हैं।
Karva Chauth 2022: करवाचौथ के लिए खरीदा शृंगार का सामान, जम्मू-कश्मीर में आज व्रत रखेंगी महिलाएं
महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि 13 अक्टूबर को शाम 6 बजकर 5 मिनट से 7 बजकर 5 मिनट के बीच दीवार पर गेरू से फलक बनाकर पिसे चावलों के घोल से करवा चित्रित करें। आठ पूरियों की अठावरी बनाएं। मीठा और साथ में अलग-अलग तरह के पकवान बनाएं।
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विषेश डिजाइन के अलग से दाम लिए जा रहे हैं। गांधीनगर में ब्यूटी पार्लर संचालिका काजल अग्रवाल ने कहा कि करवाचौक पर एडवांस बुकिंग थी। मेकअप का शुल्क 1500 रुपये से शुरू है। मेहंदी लगाने का क्रेज करवाचौथ पर काफी होता है। इसके लिए विभिन्न डिजाइन हैं। राजस्थानी डिजाइन महिलाएं सबसे ज्यादा पसंद कर रही है। करवाचौथ पर मेहंदी लगवाने के लिए एक स्टॉल पर पहुंचीं शालिनी ने कहा कि पति की लंबी आयु की कामना के लिए व्रत रखा जाता है। पटेल बाजार में महिलाओं की जरूरत का सामान मिल जाता है। इसके चलते यह बाजार महिलाओं की पहली पसंद होती है।
प्रतिदिन 30 से 50 हजार रुपये का कारोबार
पटेल बाजार फतू चौगान ट्रेडर एसोसिएशन के प्रधान नारायण सिंह ने कहा कि बाजार में 250 के करीब दुकानें हैं। इसमें अधिकांश श्रृंगार और कपड़े की दुकानें हैं। त्योहारी सीजन में करवाचौथ सहित अन्य त्योहार में हर दुकान का प्रतिदिन औसत कारोबार 30 से 50 हजार रुपये तक होता है। करवाचौथ पर बीते दो साल की तुलना में सबसे ज्यादा खरीदारी हुई है।
चंद्र दर्शन सवा आठ बजे
13 अक्तूबर शाम 6:5 मिनट से शाम 7:5 मिनट के बीच करवाचौथ का पूजन करना कल्याणकारी होगा। जम्मू में चंद्र दर्शन रात करीब 8 बजकर 15 मिनट पर होंगे।
करवाचौथ व्रत कैसे शुरू करें
करवा चौथ व्रत के दिन व्रती सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। घर में पूजा स्थान या घर में कोई पवित्र स्थान में गंगाजल का अभिषेक कर आसन पर बैठकर आत्म पूजा कर, यह संकल्प करें मम सुखसौभाग्य पुत्रपौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये बोलकर करवा चौथ के व्रत को शुरू करें।
करवाचौथ पूजन व्रत विधि
महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि 13 अक्टूबर को शाम 6 बजकर 5 मिनट से 7 बजकर 5 मिनट के बीच दीवार पर गेरू से फलक बनाकर पिसे चावलों के घोल से करवा चित्रित करें। आठ पूरियों की अठावरी बनाएं। मीठा और साथ में अलग-अलग तरह के पकवान बनाएं। गौरी को लकड़ी के आसन पर बैठाएं, बिंदी आदि सुहाग सामग्री से गौरी मैया का श्रृंगार करें। जल से भरा लोटा रखें। करवा में गेहूं और ढक्कन में शक्कर का बूरा भर दें। रोली से करवा पर स्वास्तिक बनाएं। श्री गणेश, भगवान शिव, माता पार्वती, स्वामी कार्तिकेय, और चंद्रदेव और चित्रित करवा की विधि अनुसार पूजा करें।