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Jammu News: संस्कारशाला में बच्चों को संस्कृति और नैतिक मूल्यों का पढ़ाया पाठ
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सैनिक कॉलोनी में बाल संस्कार शाला का आयोजन के दौरान मौजूद प्रतिभागी स्रोत आयोजक
72 विद्यार्थियों को खेल और शारीरिक गतिविधियों के साथ चरित्र निर्माण की भी दी सीख
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरआरएस) की सैनिक कॉलोनी शाखा ने बुधवार को बाल गोकुलम के तहत संस्कारशाला का आयोजन किया। इसमें बच्चों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों का पाठ पढ़ाया गया। कार्यक्रम में कक्षा पहली से 11वीं तक के 72 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इन्हें खेल और शारीरिक गतिविधियों के साथ चरित्र निर्माण की भी सीख दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत शंखनाद के साथ हुई। विद्यार्थियों को व्यक्तिगत और राष्ट्रीय चरित्र के महत्व के बारे में बताया। बच्चों को समझाया गया कि अच्छे संस्कार और अनुशासन उनके व्यक्तित्व के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। करीब डेढ़ घंटे चले कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए व्यायाम, खेल और विभिन्न शारीरिक गतिविधियां हुईं। बच्चों ने उत्साह के साथ इन गतिविधियों में हिस्सा लिया। श्री हनुमान चालीसा पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों ने बच्चों के बीच संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। आयोजकों ने कहा कि बाल गोकुलम के माध्यम से बच्चों के शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास पर लगातार काम किया जा रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरआरएस) की सैनिक कॉलोनी शाखा ने बुधवार को बाल गोकुलम के तहत संस्कारशाला का आयोजन किया। इसमें बच्चों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों का पाठ पढ़ाया गया। कार्यक्रम में कक्षा पहली से 11वीं तक के 72 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इन्हें खेल और शारीरिक गतिविधियों के साथ चरित्र निर्माण की भी सीख दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत शंखनाद के साथ हुई। विद्यार्थियों को व्यक्तिगत और राष्ट्रीय चरित्र के महत्व के बारे में बताया। बच्चों को समझाया गया कि अच्छे संस्कार और अनुशासन उनके व्यक्तित्व के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। करीब डेढ़ घंटे चले कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए व्यायाम, खेल और विभिन्न शारीरिक गतिविधियां हुईं। बच्चों ने उत्साह के साथ इन गतिविधियों में हिस्सा लिया। श्री हनुमान चालीसा पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों ने बच्चों के बीच संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। आयोजकों ने कहा कि बाल गोकुलम के माध्यम से बच्चों के शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास पर लगातार काम किया जा रहा है।
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