घाटी में पत्थरबाजी, बंद और गोलीबारी अब पुरानी बातें हो गई हैं। कश्मीर में अब आतंकबाद नहीं नैसर्गिक सुंदरता और विकास हो रहा है, दिख रहा है। विभिन्न मंच पर प्रकाशित हो रही विकास से संबंधित खबरें इसकी गवाह हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद हिंसा में कमी आई है। मीडिया भी प्रदेश में हो रही अच्छी चीजों को रिपोर्ट कर रहा है।
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श्रीनगर में जी20 के मंच पर अभिनेता राजकुमार
- फोटो : बासित
तीन वर्षों के दौरान आतंकवाद से संबंधित घटनाओं में कमी आई है। पथराव और बंद इतिहास बन गए हैं। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद 2019 के बाद कम हो गया है। श्रीनगर में हाल ही में आयोजित जी20 बैठक का अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा व्यापक प्रचार किया गया। इनमें से कई ने कश्मीर में स्थिरता और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए भारत के प्रयासों को उजागर किया।
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श्रीनगर में जी20 बैठक की सुरक्षा का जिम्मा संभाले कमांडो
- फोटो : बासित जरगर
जी20 शिखर सम्मेलन में 17 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विचार-मंथन सत्र में भाग लेने के अलावा, उन्होंने श्रीनगर में ऐतिहासिक स्थानों का दौरा किया। उन्होंने अपने परिवारों और दोस्तों के साथ लौटने और जम्मू-कश्मीर को अपने देशों में एक पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने की कसम खाई। वास्तव में, कोई भी नेता जोखिम नहीं लेना चाहता था क्योंकि जेके के शासकों ने एक मिथक बनाया था कि इस तरह के किसी भी फैसले के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।
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श्रीनगर स्थित डल झील का नजारा
- फोटो : संवाद
तीन साल में प्राप्त हुए हजारों करोड़ के निवेश प्रस्ताव
पिछले तीन वर्षों के दौरान, जम्मू और कश्मीर को हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और 2022 में 1.88 मिलियन पर्यटकों ने जेके का दौरा किया। विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से 5 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है। नई सड़कों और राजमार्गों का निर्माण किया गया है।
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जी 20 के लिए सजाया गया श्रीनगर
- फोटो : संवाद
जम्मू-कश्मीर बिजली उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनने की राह पर है, लोग 5जी इंटरनेट स्पीड का लुत्फ उठा रहे हैं, महिलाओं को समान अवसर मुहैया कराए गए हैं, कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली ट्रेन कुछ महीने दूर है। महत्वपूर्ण बात यह है कि आतंकी संगठनों में स्थानीय भर्ती शून्य हो गई है।