रियासी में बुधवार को कश्मीर में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए जवान कमल किशोर की अंतिम यात्रा में लोगों का जनसैलाब उमड़ा। ग्रामोड़ में स्थित शहीद जवान की बुधवार की खबर सुनने के बाद ही लोग परिवार के सदस्यों को सांत्वना देने पहुंचने लगे।
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- फोटो : अमर उजाला
बुधवार देर शाम को शहीद का शव उसके पैतृक घर पर पहुंचा। गुरुवार सुबह से ही लोग शहीद के घर पहुंचना शुरू हो गए। इस दौरान जो कोई भी शहीद के घर पहुंचा उसकी आंखें नम हो गईं। हर कोई शहीद के अंतिम दर्शन के लिए उतावला था।
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शहीद के माता पिता अपनी सुध खो बैठे थे। तो बहनों की आंखें रोते-रोते पथरा गई। शहीद कमल किशोर के शव को जैसे ही श्मशान घाट ले जाने के लिए उठाया गया उसके घर पर कोहराम मच गया।
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शहीद के शव के साथ ही लोगों की भीड़ पैदल चलना शुरू हो गई थी। हर कोई शहीद के शव को कंधा देने के लिए आगे आ रहा था। ग्रामोड़ से बारादरी स्थित मुक्ति धाम श्मशान घाट तक जाने के लिए शहीद की शवयात्रा गीता नगर तरैंथा बस स्टैंड, मुख्य बाजार, चौक चबूतरा महादेव मोहल्ला, सीला से होकर गुजरी। इस दौरान जहां पर से शहीद का शव गुजरा वहां पर मौजूद सभी लोगों की आंखें नम दिखीं।
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शहीद की शव यात्रा के दौरान पूरे रास्ते में पुष्प वर्षा की गई। दोपहर एक बजे के करीब शहीद का अंतिम संस्कार दरिया चिनाब के तट पर किया गया। इस दौरान वहां पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। दरिया के पुल पर भी लोग भारी तादाद में खड़े रहे। शहीद के बड़े भाई ने अपने छोटे भाई को मुखाग्नि दी।