आजादी के अमृत महोत्सव के तहत रविवार को डल झील पर एयर शो शुरू हो गया है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कार्यक्रम का एसकेआईसीसी से शुभारंभ किया। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि 23 साल बाद भारतीय वायुसेना ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को करतब दिखाए हैं। मुझे लगता है कि ये देखने के बाद यहां के युवाओं को प्रेरणा मिलेगी और अधिक लोग इसका हिस्सा बनेंगे। आज़ादी के अमृत महोत्सव पर वायुसेना ने देशभक्ति की भावना भरने का काम किया।
डल इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कश्मीरी युवाओं को वायुसेना की तरफ आकर्षित करने के लिए प्रशासन और वायु सेना ने मिलकर सितंबर के अंत में डल झील के ऊपर एक एयर शो का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम में लड़ाकू जेट, हेलिकॉप्टर और पैराशूट डल झील के ऊपर मंडराते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। एयर शो में सूर्य किरण एरोबेटिक्स टीम, पैरामोटर और पावर्ड हैंग-ग्लाइडर डिस्प्ले, मिग-21 बाइसन द्वारा फ्लाईपास्ट, एसयू-30 एयरक्राफ्ट द्वारा एरोबेटिक्स एयर डिस्प्ले है।
इसके अलावा आकाशगंगा स्काई डाइविंग डिस्प्ले, सिम्फ नी ऑर्केस्ट्रा डिस्प्ले और प्रेरणादायी फोटो प्रदर्शनी भी शामिल की गई हैं। इस कार्यक्रम में 300 के करीब स्कूली विद्यार्थी और 700 के करीब शिक्षक शामिल हुए हैं। वहीं एयरफोर्स की तरफ से सभी विद्यार्थियों को प्रवेश करते ही एयरफोर्स से संबंधित किट दी गई, जिसमें सेना के साथ जुड़ी हर जानकारी उन्हें मिल जाएगी। एयरफोर्स में जम्मू-कश्मीर के युवाओं को विमानन क्षेत्र की तरफ आकर्षित करने के लिए यह कदम उठाया है।
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डल झील पर कार्यक्रम के दौरान पहुंचे विद्यार्थी और शिक्षक
- फोटो : बासित जरगर
एयर शो आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हो रहा है। इसका नाम अपने सपनों को पंख दें रखा गया है।
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डल झील पर कार्यक्रम के दौरान पहुंचे विद्यार्थी और शिक्षक
- फोटो : बासित जरगर
कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर पांडुरंग के पोल ने कहा कि घाटी के युवाओं का सामान्य रूप से विमानन क्षेत्र और विशेष रूप से वायुसेना में प्रतिनिधित्व कम है।
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डल झील पर कार्यक्रम के दौरान पहुंचे विद्यार्थी और शिक्षक
- फोटो : बासित जरगर
इस आयोजन का उद्देश्य इन क्षेत्रों में अवसरों का प्रदर्शन करना है।
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डल झील पर कार्यक्रम के दौरान पहुंचे विद्यार्थी और शिक्षक
- फोटो : बासित जरगर
उन्होंने कहा कि युवाओं को एक मंच प्रदान करने के लिए जनजातीय कार्य विभाग आगामी प्रदर्शनी के दौरान विभिन्न जनजातीय समुदायों के 30 से 40 युवाओं को शॉटलिस्ट करेगा। इन्हें मुफ्त में पायलट बनने का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
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