दे्खिए, श्रद्धा के रंग में रंगा मंदिरों का शहर जम्मू
बाजारों में चहल-पहल, खरीदारों की भीड़ और चारों और उत्साह। मंगलवार को पहले नवरात्र पर कुछ ऐसा ही नजारा था। शारदीय नवरात्र शुरू होने के साथ ही बाजार में रौनक लौट आई। महामाई के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं ने नतमस्तक होकर सुख-समृद्धि की कामना की।
दे्खिए, श्रद्धा के रंग में रंगा मंदिरों का शहर जम्मू
इसी तरह शहर से करीब दस किलोमीटर दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग नगरोटा पर स्थित कोल कंडोली मंदिर में पहले नवरात्र पर भक्तों की भीड़ पहुंची। इसमें बड़ी संख्या में जम्मू से श्रद्धालु भी मां के दरबार पहुंचे। इसी मंदिर में माता रानी के श्री माता वैष्णो देवी के पहले दर्शन होते हैं।
दे्खिए, श्रद्धा के रंग में रंगा मंदिरों का शहर जम्मू
बावे वाले मंदिर से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित महामाया माता मंदिर आस्था का केंद्र बना हुआ है। सूर्य पुत्री के एक किनारे पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर में अधिकांश भक्त बावे वाले मंदिर में दर्शन के बाद यहां पहुंचे। यहां से पुराने शहर का मनमोहक नजारा दिखता है।
दे्खिए, श्रद्धा के रंग में रंगा मंदिरों का शहर जम्मू
मंदिर परिसर में विशेष लाइट की व्यवस्था की गई थी। इसमें कई जगह इलेक्ट्रानिक स्वागत गेट स्थापित किए गए थे। जिनकी रंगबिरंगी रोशनी का रात के समय नजारा देखते ही बन रहा था। महंत बिट्टा के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए सभी प्रबंध किए गए हैं। मंगलवार देर रात ग्यारह बजे तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
दे्खिए, श्रद्धा के रंग में रंगा मंदिरों का शहर जम्मू
मां के दरबार में हाजिरी देने स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंचे। इनमें अधिकांश श्रद्धालु पैदल ही पहुंचे। कई भक्त ऐसे भी थे, जो मन्नत पूरी होने पर जमीन पर लेटते हुए दरबार में पहुंचे। इस दौरान मां के भक्तों ने चौकियां भी लीं।