छुट्टी पर घर आए आईटीबीपी जवान सुशील कुमार ने रविवार की शाम आतंकी हमले में अपने भाई दीपक (चाचा के बेटे) को खोया। इसके कुछ घंटों बाद सुबह आईईडी धमाके में चार साल के इकलौते बेटे विहान को भी खो दिया। एक साथ दोहरे सदमे से परिवार बदहवास है।
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Dangri terror attack
- फोटो : एजेंसी
सुशील कुमार रविवार को राजोरी के पलमा में स्थित अपने ससुराल में था। देर शाम उसे सूचना मिली कि आतंकी हमले में दीपक की मौत हो गई है। सुशील अपने परिवार को साथ लेकर गांव वापस आ गया। रात भर चीख पुकार के माहौल के बाद सुबह भी दीपक के घर पर कुछ लोगों की आवाजाही चल रही थी।
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- फोटो : एजेंसी
किसी को पता नहीं था कि बरामदे में रखी कुर्सी के नीचे पड़ी बोरी में छिपाकर आईईडी रखी गई है। सुबह सुरक्षा बल, मीडिया और अन्य लोग भी इसके पास से होकर गए। चार साल के मासूम विहान को इसी कुर्सी पर बैठकर खेलते देखा गया।
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- फोटो : संवाद
जब सुरक्षा बल और मीडिया कर्मी वहां से ढांगरी चौक की ओर चले गए तो पीछे से जोरदार धमाके ने विहान को मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया। दस घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान सुमीक्षा की भी मौत हो गई।
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वीडीसी सदस्य गोली न चलाता तो चली जातीं कई और जानें
ढांगरी में आतंकी ने जब घरों में घुसकर कत्लोगारत मचा रहे थे, इसी दौरान गांव के एक विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) सदस्य ने आतंकियों पर फायरिंग की। बताया जा रहा है कि आतंकियों ने सुरक्षा बल समझ वापस जंगल की ओर भागना शुरू कर दिया।