हैदराबाद में पशु चिकित्सक के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। पुलिस के अनुसार घटना उस वक्त हुई जब पुलिस आरोपियों को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर क्राइम सीन रिक्रिएट करने के लिए ले गई थी। इसी दौरान आरोपियों ने पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपियों को रुकने के लिए कहा। लेकिन आरोपियों ने पुलिस की बात न सुनी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों पर गोली चला दी। पुलिस और आरोपियों के बीच हुई इस मुठभेड़ में चारों आरोपी मौके पर ही मार गिराए गए। इस मामले को लेकर देश भर से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। लोग पुलिस की इस कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं। कई नेता, अधिकारी व संगठन से जुड़े लोगों ने पुलिस को बधाई दी है। इसके साथ ही लोगों ने कई सवाल भी उठाएं हैं।
हैदराबाद में दरिंदों की मौत पर जम्मू-कश्मीर में खुशी का माहौल, साथ ही उठा एक सवाल
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श्वेता कोहली जोकि क्रेंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू कश्मीर में बतौर सहायक प्रोफेसर तैनात हैं, उनका कहना है कि पुलिस ने जो किया अच्छा किया। लेकिन भविष्य में दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए सरकार को कठोर से कठोर नियम लाने चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किये जाने चाहिए।
जम्मू कश्मीर पुलिस में बतौर डीएसपी तैनात शशि ठाकुर ने कहा कि पुलिस ने बहुत अच्छा काम किया। आरोपियों को ऐसी ही सजा मिलनी चाहिए थी। हालांकि शशि ठाकुर ने यह भी कहा कि पुलिस और आरोपियों के बीच हुई इस मुठभेड़ की जांच भी होनी चाहिए। इसके पीछे उनका तर्क है कि आने वाले दिनों में लोग पुलिस की कार्रवाई पर सवाल न उठाए, इसके मद्देनजर मामले की गंभीरता से जांच हो।
जम्मू हाईकोर्ट की अधिवक्ता मोनिका कोहली ने इस मामले पर खुशी जाहिर की है। उनका कहना है कि ऐसे संगीन अपराधों में आरोपियों को जितनी जल्दी हो सजा मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे देश की एक न्यायिक प्रक्रिया है। मामले को न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही सुलझाना चाहिए और आरोपियों को सजा दी जानी चाहिए। कोहली ने कहा कि अगर आरोपियों ने पुलिस की गिरफ्त से भागने की कोशिश की तो पुलिस के पास ऐसी कार्रवाई करने के सिवा कोई रास्ता भी नहीं बचता। कोहली ने एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया पर जोर देते हुए कहा कि मामले की जांच जरूरी है।
चारों आपोरियों के मारे जाने पर क्लस्टर विश्वविद्यालय जम्मू कश्मीर की सहायक प्रोफेसर नाजिया रसूल का कहना है कि पुलिस ने बहुत अच्छा काम किया है। पीड़ित परिवार को न्याय मिला है। लेकिन पुलिस निरंकुश न हो इस पहलू पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। मामले की जांच भी कराई जानी चाहिए।