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इस मामले को लेकर चर्चा में आए थे मेजर गोगोई, उस वक्त मिला था सम्मान अब बढ़ीं मुश्किलें

Mon, 27 Aug 2018 05:33 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Mon, 27 Aug 2018 05:33 PM IST
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Gogoi came in limelight for tying man in front of jeep to save from stone pelters now in trouble
फाइल फोटो
मेजर लीतुल गोगोई को सेना की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी में दोषी पाया गया है। मेजर गोगई श्रीनगर में एक होटल से लड़की के साथ हिरासत में लिए गए थे। गोगोई पर ड्यूटी छोड़कर महिला से मिलने के मामले में दोषी पाए गए हैं। इसके अलावा गोगोई को निर्देशों के खिलाफ जाकर स्थानीय लोगों से मेल-मिलाप ज्यादा बढ़ाने का भी दोषी पाया गया है। गौरतलब है कि इस साल 23 मई को भारतीय सेना के मेजर लितुल गोगोई श्रीनगर के होटल ग्रैंड ममता में बडगाम की लड़की के साथ होटल में मिले थे। 
Gogoi came in limelight for tying man in front of jeep to save from stone pelters now in trouble
लीतुल गोगोई
उस समय लड़की ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने कहा था कि वह मेजर की फेसबुक फ्रेंड है और वह अपनी मर्जी से उन्हें मिलने के लिए गई थी। यहां तक कि इस वजह से उसकी अपनी मां से लड़ाई हो गई थी। आपको बता दें कि होटल स्टाफ के साथ लड़ाई होने की वजह से मेजर कमरे में चेक-इन नहीं कर पाए थे। उनसे पुलिस स्टेशन में पूछताछ हुई। हालांकि महिला ने स्थानीय मजिस्ट्रेट के सामने भारतीय दण्ड संहिता की धारा 164 के तहत अपने बयान दर्ज करवाए। जिसमें उसने कहा कि वह सोशल नेटवर्किंग साइट पर उनकी दोस्त है। 
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फाइल फोटो
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि लड़की ने मजिस्ट्रेट को बताया कि वह अपनी मर्जी से उनके साथ गई थी क्योंकि वह सेना के अधिकारी के साथ समय बिताना चाहती थी। वह उन्हें पहले से जानती है। बडगाम के चेक-ए-कवूसा गांव की रहने वाली लड़की ने मजिस्ट्रेट को अपना आधार कार्ड दिखाया था, इसके अनुसार उसका जन्म 1999 में हुआ है। लड़की ने केवल 10वीं क्लास तक की पढ़ाई की। उस समय मेजर गोगई ने भी पुलिस को बताया था कि अपने सूत्र से मुलाकात के लिए उन्होंने यह मीटिंग तय की थी।
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मेजर लीतुल गोगोई - फोटो : Self
आपको बता दें कि  भारतीय सेना के मेजर लितुल गोगोई ने पिछले साल 9 अप्रैल को जब श्रीनगर में लोकसभा सीट के लिए उप चुनाव हो रहा था तो एक पोलिंग स्टेशन पर करीब 400-500 लोगों की भीड़ हाथ में डंडे और पत्थर लेकर उपद्रव कर रही थी। जिसके बाद सेना के कंपनी कमांडर मेजर लीतुल गोगोई ने एक उपद्रवी को पकड़कर अपनी जीप के बोनट पर बांध दिया। गुजरती गाड़ी से चेतावनी दी जा रही थी कि पत्थर फेंकने वालों का यही हाल होगा। जो पत्थर फेकेंगा उसे ऐसे ही जीप के बोनेट पर बांध दिया जाएगा। 
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फाइल फोटो
जीप के पीछे एक बख्तरबंद गाड़ी भी गुजरती हुई दिखाई देती है।अपने ही साथी को जीप पर बंधा देखने के बाद पत्थरबाजों ने उनपर हमला नहीं किया था और पूरी टीम उस तनाव वाली जगह से सुरक्षित निकलने में सफल रही थी। इस मामले में काफी विवाद हुआ था। सेना ने गोगोई पर जांच भी बैठाई थी। सेना ने बाद में कहा था कि उन्होंने अपनी टीम की सुरक्षा के लिए ऐसा कदम उठाया।
 
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