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जम्मू-कश्मीर में इंजीनियरों ने चलने वाले पहाड़ों में बना दिये नायाब अजूबे, देखें तस्वीरें
ओमपाल संब्याल, अमर उजाला/जम्मू
Updated Thu, 24 Nov 2016 08:32 PM IST
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कश्मीर में बन रहे हैं इंजीनियरिंग के अजूबे
- फोटो : File Photo
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यहां पहाड़ों के गर्भ में उथल पुथल होती है। चट्टानें चलती हैं। ऐसे में बड़े ढांचे खड़े करना और सुरंगें खोदना जटिल और जोखिम भरा है। लेकिन तमाम चुनौतियाें के बावजूद रियासत में इंजीनियरिंग के अजूबे वजूद में आ रहे हैं। कहीं देश की सबसे लंबी सुरंग बन गई है तो कहीं दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल बन गया है।
कश्मीर में बन रहे हैं इंजीनियरिंग के अजूबे
- फोटो : File Photo
मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों से बेपरवाह रियासत में ऐसी कई योजनाएं प्रस्तावित हैं जो अपने आप में दुनिया के लिए मिसाल होंगी। मुश्किल हालात में कीर्तिमान रचते इंजीनियरों का जीवट हैरान करता है।
कश्मीर में बन रहे हैं इंजीनियरिंग के अजूबे
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चिनैनी नाशरी टनल
जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर बनकर तैयार टनल उधमपुर जिले के चिनैनी इलाके से रामबन जिले के नाशरी इलाके तक नौ किलोमीटर लंबी है। अत्याधुनिक तकनीक से तैयार की गई टनल से हाईवे का फासला 31 किलोमीटर कम हो जाएगा। टनल के आसपास वाला इलाका भूस्खलन के लिए जाना जाता है।
जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर बनकर तैयार टनल उधमपुर जिले के चिनैनी इलाके से रामबन जिले के नाशरी इलाके तक नौ किलोमीटर लंबी है। अत्याधुनिक तकनीक से तैयार की गई टनल से हाईवे का फासला 31 किलोमीटर कम हो जाएगा। टनल के आसपास वाला इलाका भूस्खलन के लिए जाना जाता है।
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- फोटो : demo
एक किलोमीटर गहरा है पॉवर प्रोजेक्ट का कुंआ
बांदीपोरा में झेलम की सहायक नदी किशनगंगा के पानी से बिजली तैयार करने के लिए असाधारण परियोजना तैयार होने वाली है। 330 मेगावाट क्षमता वाली परियोजना में पहाड़ का सीना चीरकर खोदे गए एक किलोमीटर गहरे कुंए को दुनिया में अनोखी मिसाल कहा जा सकता है। प्रेशर शाफ्ट यानी दबाव कुंए की इतनी गहराई दुनिया में मिलना मुश्किल है।
बांदीपोरा में झेलम की सहायक नदी किशनगंगा के पानी से बिजली तैयार करने के लिए असाधारण परियोजना तैयार होने वाली है। 330 मेगावाट क्षमता वाली परियोजना में पहाड़ का सीना चीरकर खोदे गए एक किलोमीटर गहरे कुंए को दुनिया में अनोखी मिसाल कहा जा सकता है। प्रेशर शाफ्ट यानी दबाव कुंए की इतनी गहराई दुनिया में मिलना मुश्किल है।
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कश्मीर में बन रहे हैं इंजीनियरिंग के अजूबे
- फोटो : File Photo
सबसे ऊंचा है रियासी का रेलवे पुल
घाटी को रेलवे के माध्यम से देश के साथ जोड़ने के लिए रियासी जिले में बनाया गया रेलवे पुल दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है। रेलवे के अनुसार इस पुल की ऊंचाई 359 मीटर है। दुनिया का दूसरा सबसे ऊंचा रेलवे पुल चीन की बेपेजियांग नदी पर बना पुल है जिसकी ऊंचाई 275 मीटर है।
घाटी को रेलवे के माध्यम से देश के साथ जोड़ने के लिए रियासी जिले में बनाया गया रेलवे पुल दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है। रेलवे के अनुसार इस पुल की ऊंचाई 359 मीटर है। दुनिया का दूसरा सबसे ऊंचा रेलवे पुल चीन की बेपेजियांग नदी पर बना पुल है जिसकी ऊंचाई 275 मीटर है।