हिजबुल कमांडर नवीद बाबू के साथ पकड़े गए डीएसपी देविंदर सिंह से पूछताछ में हुए खुलासे के बाद सोमवार को उसके श्रीनगर में इंदिरा नगर स्थित आवास पर छापा मारा गया। पूरे मामले से जुड़ी अहम कड़िया तलाशने के लिए एक दर्जन जांच टीम बनाई गई हैं। यह टीम कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में जांच कर रही हैं। एक टीम स्थायी तौर पर शोपियां में है।
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भारतीय सेना
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में मामले की जांच एनआईए को सौंपी जा सकती है। हालांकि, पहले से ही तमाम खुफिया एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर इसकी जांच कर रही हैं। डीएसपी से आईबी और रॉ समेत कई एजेंसियों ने पूछताछ की है। डीएसपी कई मोबाइल फोन ऑपरेट कर रहा था। इन नंबरों से सिर्फ वह आतंकियों से बात करता था। इन नंबरों की जांच भी की जा रही है। इन नंबरों से फोन कॉल, या फिर सोशल मीडिया के जरिये हुई गतिविधियों का पता लगाया जा रहा है।
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भारतीय सेना
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कश्मीर में डीएसपी के साथ पकड़े गए दोनों आतंकी गणतंत्र दिवस पर बड़े हमले की फिराक में थे। सूत्रों का कहना है कि आतंकी पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़ और जम्मू में हमले की साजिश रच रहे थे। दोनों आतंकियों के साथ कुछ और आतंकियों को भी जुड़ना था। आतंकी नवीद और उसका साथी डीएसपी देविंदर सिंह के साथ पकड़ा गया था। लंबे समय से आतंकी किसी बड़े हमले की फिराक में हैं लेकिन हर बार उनके मंसूबे फेल रहे हैं। साथ ही 370 हटने और केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ पीओके में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमलों से तिलमिलाए आतंकी बड़ा हमला करने की साजिश रच रहे हैं। पकड़े गए आतंकी भी बड़ा हमला करने की फिराक में थे।
वहीं कांग्रेस ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी देविंदर सिंह की संसद और पुलवामा हमले में भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं और पूछा कि क्या देविंदर बड़ी साजिश का मात्र एक मोहरा है। पुलिस ने शनिवार को देविंदर को दो हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों के साथ गिरफ्तार किया था।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया कि देविंदर सिंह कौन है? 2001 संसद हमले में उसकी क्या भूमिका थी? पुलवामा हमले में उसका क्या रोल था, जहां वह डिप्टी एसपी डीआर था? क्या वह खुद अपनी कार में हिजबुल आतंकियों को ले जा रहा था, या वह मात्र एक मोहरा है, मुख्य साजिशकर्ता कोई और है? ये एक बड़ी साजिश का हिस्सा है?