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जम्मू-कश्मीर में हेरोइन की दलदल में फंस रहे युवा, जानिए बचाव के रास्तें

Tue, 25 Jun 2019 08:09 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Tue, 25 Jun 2019 08:09 PM IST
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drug addicts increasing in jammu kashmir, know how to get rid of drugs
जम्मू-कश्मीर में हेरोइन की दलदल में युवा तेजी से फंसते जा रहे हैं। इस महंगे नशे का पाश कालोनियों में शौक अधिक बढ़ा है। युवकों के साथ युवतियां भी इस नशे का शिकार हो रही हैं। 18-25 आयु वर्ग के युवा अधिक प्रभावित हैं। नशे के साथ युवा अपराध की ओर भी बढ़ रहे हैं। 
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कई युवा नशे की लत को पूरा करने के लिए आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। साइक्रेटरी अस्पताल जम्मू के ओपियड सब्सिट्यूट थेरेपी (ओएसटी) सेंटर में हेरोइन सहित अन्य दूसरे नशे से पीड़ित होकर पहुंचने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। यहां 600 से अधिक नशे के पीड़ित पंजीकृत हो चुके हैं, जिसमें हेरोइन के 400 मामले हैं। 

 
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ओएसटी सेंटर में नशे के पीड़ितों की संख्या बढ़ने में इजाफा हो रहा है। वर्ष 2013 से 2015 तक यह आंकड़ा 250 तक था। लेकिन उसके बाद यह लगातार बढ़ता गया। इनमें पचास फीसदी से अधिक मामले हेरोइन के नशे से जुड़े हैं। समाज में तेजी से फैल रहे इस नशे से 20-30 फीसदी पीड़ित ही अस्पताल तक पहुंच रहे हैं। जबकि जागरूकता के अभाव में एक बड़ी संख्या में युवा अभी भी हेरोइन के नशे को मौत को गले लगा रहे हैं। अस्पताल के अलावा निजी क्लीनिकों में बड़ी संख्या में ऐसे मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। हेरोइन के नशे की लत को पूरा करने के लिए पानी के साथ ड्रग्स मिलाकर इंजेक्शन से शरीर में डाल दिया जाता है। 

 
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साइक्रेटरी अस्पताल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डा. जगदीश थापा के अनुसार हेरोइन नशे के महंगे शौक में पहले यह ड्रग्स रोजाना तीन-चार हजार में रुपये ली जाती है। लेकिन धीरे धीरे डोज बढ़ने पर इसकी कीमत मोटी हो जाती है। इस ड्रग्स को लेने से ऐसे नशेड़ियों में फेफड़ों की इंफेक्शन रहती है। ओएसटी सेंटर में रोजाना 100-150 मरीज पहुंचते हैं। पीड़ितों को वैकल्पिक थैरेपी में बीमारी के हिसाब से ब्यूपरीनारफीन टैबलेट की डोज दी जाती है। पिछले कुछ समय से हेरोइन के मामलों में बढ़ोतरी हुई है

 
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हेरोइन से यह होती हैं शारीरिक समस्याएं
1. डोज न लेने पर शरीर में जबरदस्त दर्द
2. शरीर का टूटना
3. नाक और मुंह से पानी चलना
4. कमजोरी महसूस करना आदि 

 
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