डॉक्टरों से विवाद के बाद आलोचना झेल रही जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए सौहार्द का परिचय दिया। घाटी के हर जिले में पुलिस वालों ने ड्यूटी पर जा रहे डॉक्टरों को फूल भेंट किए। आश्वासन दिया कि कोरोना के खिलाफ जंग में पुलिस विभाग भी डॉक्टरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। डॉक्टरों ने भी पुलिस के इस रवैये की सराहना की और भविष्य में ऐसे ही सहयोग की उम्मीद जताई।
श्रीनगरः खत्म हुआ खाकी और 'धरती के भगवान' का विवाद, डॉक्टर बोले- पुलिस का यह तरीका अच्छा लगा
जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारियों और जवानों ने अस्पतालों के बाहर खड़े होकर भी डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ का फूलों से स्वागत किया। पुलिस के सौहार्द का यह नजारा श्रीनगर, बारामुला, उड़ी, हंदवाड़ा, कुपवाड़ा के साथ-साथ दक्षिणी कश्मीर के शोपियां, अनंतनाग और घाटी के अन्य जिलों में भी देखने को मिली।
बता दें कि गत शनिवार श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सैयद मकबूल ने पुलिस कर्मियों पर दुर्व्यवहार और हाथापाई करने का आरोप लगाया था। इसके बाद मंगलवार को कई क्वारंटीन सेंटर के दौरे पर निकले सीएमओ बांदीपोरा डॉ. तजामुल की गाड़ी को भी पुलिस द्वारा रोकने का वीडियो वायरल हुआ था। दुर्व्यवहार के खिलाफ डॉक्टरों ने मंगलवार को एसएमएचएस में प्रदर्शन भी किया था। इन घटनाओं के बाद पुलिस विभाग को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। पुलिस विभाग की तरफ से मुलाजिमों को डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ के साथ सहयोग करने के निर्देश जारी किए गए थे।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों के इलाज में जुटे हैं। सभी पुलिस कर्मी कोरोना के खिलाफ दिए जा रहे इनके योगदान की सराहना करते हैं। इनके लिए हमारे दिल में बहुत सम्मान है। इसलिए हमने प्यार और सम्मान की निशानी के तौर पर इनका स्वागत फूलों से किया।
वहीं एक डॉक्टर ने भी यह कहा कि उन्हें पुलिस का यह रवैया काफी अच्छा लगा और हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में भी हमें ऐसा ही सहयोग प्राप्त होगा।