पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के हनीट्रैप में फंसे युवक से पूछताछ जारी है। उसके मोबाइल फोन को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है, ताकि पता लगाया जा सके कि किस-किस तरह की तस्वीरों का आदान प्रदान किया गया है। जिन तस्वीरों को डिलीट किया गया है, उनको वापस लाने की कोशिश भी होगी।
और कितना गिरेगा पाकिस्तान...! लड़की की आड़ में खेल रहा गंदा खेल, सामने आई घिनौनी साजिश
सूत्रों की मानें तो युवक द्वारा लड़की से की गई हर बात की तमाम जानकारियां वापस आएंगी। किस तरह की तस्वीरें और वीडियो भेजे गए, कौन सी डिलीट हुईं और क्या क्या शेयर किया गया। यह सब सामने आएगा। बता दें कि अरनिया पुलिस ने पांच दिन पहले क्षेत्र के एक युवक को पकड़ा था, जो पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए एक लड़की से बात करता था। लड़की आईएसआई की एजेंट बताई जा रही है।
पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है कि जिस अकाउंट से बात हुई, क्या वह लड़की का ही है, या फिर कोई आईएसआई अफसर या आतंकी किसी लड़की की फोटो लगाकर बात कर रहा था। ऐसे कई सवाल हैं। कई अन्य पहलू भी हैं, जिनको ध्यान में रखकर युवक से पूछताछ हो रही है। पुलिस इस हनीट्रैप केस की गंभीरता से जांच कर रही है, ताकि पाकिस्तान के खिलाफ मजबूत सबूत जमा किए जा सकें। हनीट्रैप का मामला सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सूत्रों की मानें तो सीमावर्ती क्षेत्रों कुछ और के भी हनीट्रैप में फंसे होने का शक है, जिनकी जांच की तैयारी की जा रही है। सभी एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर सीमावर्ती इलाकों में चलने वाले सोशल मीडिया ग्रुप और अकाउंट की जानकारियां ले रहे हैं।
खुफिया एजेंसियों ने अपने सोर्स को सक्रिय कर जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। उधर, सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को पुलिस की तरफ से हिदायत दी गई है कि वह किसी भी फेक सोशल मीडिया अकाउंट पर किसी से दोस्ती नहीं करें। बता दें कि सीमांत इलाकों में चलने वाले व्हाटसएप ग्रुप के जरिए सरहदी इलाकों की पाकिस्तानी सेना द्वारा लोकेशन हासिल करने की जानकारियां तो पहले भी सामने आ चुकी हैं। लेकिन हनीट्रैप का यह पहला मामला है।
यह मामला पहली बार सामने आया है, जिससे निपटने की आवश्यकता है। हम इसमें किस तरह से युवाओं को बचा सकते हैं या फिर हमारे स्तर पर क्या होना चाहिए, इस पर विचार किया जा रहा है। मामला काफी संगीन है। इससे निपटने की कोशिश की जा रही है।-अखिलेश्वर सिंह, डीआईजी, बीएसएफ