बांदीपोरा के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष शेख वसीम बारी, उनके पिता बशीर अहमद और छोटे भाई व भाजयुमो के जिला अध्यक्ष उमर बारी की हत्या से घाटी में मातम का माहौल है। आतंकियों द्वारा की गई कायराना हरकत से लोगों में आक्रोश है। उनके परिजन व रिश्तेदारों की मांग है कि वसीम बारी, उनके पिता और भाई के हत्यारों का जल्द से जल्द सफाया किया जाए।
कश्मीर में मातम का माहौल, भाजपा नेता की हत्या से सदमे में घाटी के लोग, एक ही मांग- आतंकियों की मौत
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आतंकी हमले में मारे गए तीनों लोगों के शवों को आज सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना भी मौजूद थे। लोगों में इस घटना को लेकर काफी रोष है। लोगों का कहना है आतंकियों की कायराना हरकत का ऐसा जवाब देना चाहिए जिससे वह कभी भी घाटी के किसी भी व्यक्ति पर वार करने से पहले सौ बार विचार करें।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पूरे परिवार को सुरक्षा के लिए दस पुलिसकर्मी मिले थे। लेकिन वारदात के समय इनमें से एक भी मौके पर नहीं था। इससे आतंकियों को वारदात को अंजाम देने में आसानी हुई। अधिकारी इसे सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक मान रहे हैं। लापरवाही के आरोप में दस पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं आतंकियों के खात्मे के लिए सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन भी शुरू कर दिया है।
भाजपा के कश्मीर मीडिया प्रभारी मंजूर भट्ट ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे आतंकियों की कायराना हरकत करार दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी वारदातों से भाजपा डरने वाली नहीं है। उधर, कश्मीर जोन के आईजी विजय कुमार ने कहा कि भाजपा नेता के परिवार की सुरक्षा के लिए दस पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। वारदात के समय इनमें से एक भी मौके पर नहीं था। इससे इनकी भूमिका संदेह के दायरे में है। इन सभी को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस वारदात के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है।
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