जम्मू संभाग के कठुआ जिले में हसीन वादियों की एक बड़ी चारागाह और पर्यटन के लिहाज से मुफीद ढग्गर का इलाका इन दिनों पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। बनी सब डिवीजन के मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर समुद्र तल से लगभग साढ़े सात हजार फीट पर स्थित खुंडार के हसीन और मनमोहक चारागाहों में विभिन्न जगहों से पर्यटक इन दिनों पहुंच रहे हैं।
अद्भुतः सैलानियों को जन्नत का एहसास कराते हैं ये नजारे, यहीं है 101 तालाबों का संगम, देखें तस्वीरें
यहां गर्मियों में दिन का अधिकतम तापमान 20 से 25 डिग्री तक तो वहीं रात का तापमान दस से 15 डिग्री के बीच रहता है। सर्दियों के मौसम में यह इलाका बर्फ की मोटी चादर से महीनों तक ढंका रहता है। घास के गलीचों से लकदक विशालकाय मैदान, आसपास देवदार के जंगल और कुदरती नजारों के बीच पल-पल रंग बदलता मौसम, ढग्गर और आसपास के इलाकों को जन्नत का रूप देते हैं। लगभग साढ़े पांच हजार हेक्टेयर के इस इलाके में कुदरत मेहरबान है और इसे जिले के सबसे खूबसूरत और अनछुए इलाकों में प्रस्तुत करती है।
ढग्गर में एक से बढ़कर एक विहंगम स्थल देखने वाले को अपना मुरीद बनाते हैं। कमलो गंला, ओंड, खुंडार, द्रोड, खाद दरिया, नुकनाली माता, नाग देवता मंदिर, ज्वाला माता मंदिर इलाके के मुख्य पर्यटन आकर्षणों में शामिल हैं। यहां बादल मैदान में कुछ पल के लिए आते हैं और फिर हट जाते हैं। हरे-भरे मैदान, पहाड़ियां, नीला आकाश और गर्मियों के मौसम तक बर्फ ओढ़े पहाड़ियों में यहां गजब का आकर्षण है।
ढग्गर गांव से सटे पहाड़ की चोटी पर स्थित खुंडार के चारागाह इलाके के खूबसूरत और मनमोहक इलाकों में से एक है। लगभग एक किलोमीटर की पैदल ट्रैकिंग के बाद इस खूबसूरत पहाड़ की चोटी से आसपास के पहाड़ों से घिरी घाटी का नजारा रमणीय है।
स्थानीय लोगों के अनुसार खुंडार में प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए क्षेत्र के स्थानीय लोगों द्वारा दशकों पूर्व बनाए गए 101 तालाब आज भी देखने को मिलते हैं। इन प्राकृतिक तालाबों से घिरे चारागाहों में विचरण करते जानवरों के साथ प्रकृति भी अपनी अलौकिक छटा बिखेरती है। देवदार के घने जंगलों से घिरे चारागाहों के आसपास के पहाड़ों में स्थानीय लोग देवियों का वास मानते हैं और इन पहाड़ों पर बने मंदिर इसकी तस्दीक भी करते हैं।