{"_id":"5d1e0e148ebc3e3c6609b91a","slug":"amarnath-yatra-2019-itbp-braving-stones-glacier-by-placing-shield-to-safety-of-pilgrims-in-baltal","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अमरनाथ यात्रा 2019: आईटीबीपी जवान भोले के भक्तों के लिए बन रहे ढाल, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमरनाथ यात्रा 2019: आईटीबीपी जवान भोले के भक्तों के लिए बन रहे ढाल, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
Thu, 04 Jul 2019 08:02 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Thu, 04 Jul 2019 08:02 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा में लगे आईटीबीपी के जवान खुद को ढाल बनाकर बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आए यात्रियों के लिए सुरक्षा कवच बन रहे हैं। पहाड़ों से गिर रहे पत्थरों से यात्रियों को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे इसके लिए वे पंक्तिबद्ध होकर खुद ढाल बनकर खड़े हो गए। आईटीबीपी के जवानों का नौ सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसमें उनकी सेवा भाव तथा मुस्तैदी साफ देखी जा सकती है।
- फोटो : ANI
आईटीबीपी के जवानों को बालटाल के रास्ते बाबा बर्फानी की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की सुरक्षा की खास जिम्मेदारी दी गई है। जवानों की मुस्तैदी की एक तस्वीर सामने आई है जिसमें इस रास्ते पर संगम के पास ग्लेशियर क्षेत्र में अचानक पहाड़ों से पत्थर गिरने लगे। यह देख वहां तैनात आईटीबीपी जवानों ने श्रद्धालुओं को गिरते हुए पत्थरों की चपेट में आने से बचाने के लिए हाथ से हाथ मिलाकर चेन बनाया और श्रद्धालुओं के रास्ते से पहले खड़े हो गए। ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
अमरनाथ यात्रा के दौरान ऑक्सीजन की कमी के चलते बेसुध हुए श्रद्धालु
- फोटो : ANI
सांस लेने में दिक्कत आने पर आक्सीजन मास्क भी दे रहे
आईटीबीपी के जवान 12 हजार फीट की ऊंचाई पर सांस लेने में दिक्कत आने के बाद श्रद्धालुओं को आक्सीजन भी उपलब्ध करा रहे हैं। आक्सीजन सिलिंडर के साथ मौजूद जवानों ने अब तक 25 से अधिक श्रद्धालुओं को आक्सीजन मुहैया कराई। इसका वीडियो भी वायरल हुआ है। चढ़ाई के दौरान इन श्रद्धालुओं को सांस लेने में दिक्कत आने के बाद जवानों ने तत्काल उनकी मदद की और उन्हें आक्सीजन मास्क लगाया।
श्रद्धालुओं की मदद के लिए आईटीबीपी ने बालटाल बेस कैंप से लेकर पवित्र गुफा तक जवानों को तैनात किया है। जवानों को पैरा मेडिकल की ट्रेनिंग दी गई है ताकि वे जरूरत पड़ने पर यात्रियों की मदद कर सकें। आईटीबीपी जवानों को मेडिकल किट और आक्सीजन सिलिंडर भी दिया गया है। एक जुलाई से शुरू हुई यात्रा में 50 से अधिक श्रद्धालुओं की जवान मदद कर चुके हैं। इनमें सांस की तकलीफ के साथ ही अन्य प्रकार की समस्या वाले शामिल रहे हैं। रेलपथरी के पास बुधवार को खाई में गिर गई दिल्ली की एक महिला को भी जवानों ने बचाया।
आईटीबीपी के जवान 12 हजार फीट की ऊंचाई पर सांस लेने में दिक्कत आने के बाद श्रद्धालुओं को आक्सीजन भी उपलब्ध करा रहे हैं। आक्सीजन सिलिंडर के साथ मौजूद जवानों ने अब तक 25 से अधिक श्रद्धालुओं को आक्सीजन मुहैया कराई। इसका वीडियो भी वायरल हुआ है। चढ़ाई के दौरान इन श्रद्धालुओं को सांस लेने में दिक्कत आने के बाद जवानों ने तत्काल उनकी मदद की और उन्हें आक्सीजन मास्क लगाया।
श्रद्धालुओं की मदद के लिए आईटीबीपी ने बालटाल बेस कैंप से लेकर पवित्र गुफा तक जवानों को तैनात किया है। जवानों को पैरा मेडिकल की ट्रेनिंग दी गई है ताकि वे जरूरत पड़ने पर यात्रियों की मदद कर सकें। आईटीबीपी जवानों को मेडिकल किट और आक्सीजन सिलिंडर भी दिया गया है। एक जुलाई से शुरू हुई यात्रा में 50 से अधिक श्रद्धालुओं की जवान मदद कर चुके हैं। इनमें सांस की तकलीफ के साथ ही अन्य प्रकार की समस्या वाले शामिल रहे हैं। रेलपथरी के पास बुधवार को खाई में गिर गई दिल्ली की एक महिला को भी जवानों ने बचाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
- फोटो : ANI
77 जवान मेडिकल दस्ते में तैनात
आईटीबीपी के प्रवक्ता और सेकंड-इन-कमांड विवेक कुमार पांडे ने बताया कि आईटीबीपी द्वारा इस बार विशेष मेडिकल दस्ते तैयार किए गए हैं। 77 ऐसे जवान हैं जिन्हें यात्रा ड्यूटी से पहले विशेष मेडिकल क्रैश कोर्स करवाया गया ताकि वे मेडिकल इमरजेंसी से निपट सकें। यह सभी जवान यात्रा ट्रैक पर हर 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर गश्त करते दिखाई देंगे। इन्होंने वर्दी के ऊपर एक सफेद एप्रन पहन रखा होगा जिस पर प्लस का निशान है ताकि किसी को भी अगर कोई परेशानी होती है तो वह आसानी से उनकी पहचान कर सके। हर एक जवान के पास पिट्ठू बैग में ऑक्सीजन सिलिंडर और ऑक्सी मीटर है जिससे वह ऑक्सीजन लेवल चेक कर सकता है।
आईटीबीपी के प्रवक्ता और सेकंड-इन-कमांड विवेक कुमार पांडे ने बताया कि आईटीबीपी द्वारा इस बार विशेष मेडिकल दस्ते तैयार किए गए हैं। 77 ऐसे जवान हैं जिन्हें यात्रा ड्यूटी से पहले विशेष मेडिकल क्रैश कोर्स करवाया गया ताकि वे मेडिकल इमरजेंसी से निपट सकें। यह सभी जवान यात्रा ट्रैक पर हर 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर गश्त करते दिखाई देंगे। इन्होंने वर्दी के ऊपर एक सफेद एप्रन पहन रखा होगा जिस पर प्लस का निशान है ताकि किसी को भी अगर कोई परेशानी होती है तो वह आसानी से उनकी पहचान कर सके। हर एक जवान के पास पिट्ठू बैग में ऑक्सीजन सिलिंडर और ऑक्सी मीटर है जिससे वह ऑक्सीजन लेवल चेक कर सकता है।
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
14 क्यूआरटी का गठन
प्रवक्ता ने बताया कि कई क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) का भी गठन किया गया है जो किसी भी आपदा के दौरान तुरंत मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू ऑपरेशन में हाथ बंटा सकती हैं। जवानों को मुख्य ट्रेनिंग में माउंटेनेयरिंग एंड इमरजेंसी रेस्क्यू जैसी चीजें सिखाई गई हैं। यात्रा मार्गों पर 12 से 14 अति संवेदनशील प्वाइंट हैं जिसके लिए आईटीबीपी ने 14 क्यूआरटी बनाई हैं जो किसी भी स्थिति में कोई भी कार्य अंजाम दे सके।
प्रवक्ता ने बताया कि कई क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) का भी गठन किया गया है जो किसी भी आपदा के दौरान तुरंत मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू ऑपरेशन में हाथ बंटा सकती हैं। जवानों को मुख्य ट्रेनिंग में माउंटेनेयरिंग एंड इमरजेंसी रेस्क्यू जैसी चीजें सिखाई गई हैं। यात्रा मार्गों पर 12 से 14 अति संवेदनशील प्वाइंट हैं जिसके लिए आईटीबीपी ने 14 क्यूआरटी बनाई हैं जो किसी भी स्थिति में कोई भी कार्य अंजाम दे सके।