जम्मू-कश्मीर में मानसून की दस्तक के साथ बिगड़े मौसम के बीच बृहस्पतिवार देरशाम तक 1007 यात्रियों ने बाबा बर्फानी के प्रथम दर्शन किए। मूसलाधार बारिश के कारण पारंपरिक पहलगाम के रास्ते पहले दिन 60 यात्रियों को भेजने के बाद यात्रा स्थगित करनी पड़ी। जबकि बालटाल रास्ते से दोपहर बाद यात्रा के लिए 1316 यात्रियों को रवाना किया गया। पवित्र गुफा के पास बारिश और बर्फबारी हुई है। 2017 में पहले दिन 6097 यात्रियों ने पवित्र हिमलिंग के दर्शन किए थे। इस बीच श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन व राज्यपाल एनएन वोहरा ने पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी की प्रथम पूजा कर राज्य में शांति, सुख समृद्धि और विकास की कामना की। विधानसभा अध्यक्ष निर्मल सिंह ने भी बाबा के दर्शन कर प्रदेश में अमन चैन की कामना की।
1007 भक्तों ने किए बाबा बर्फानी के प्रथम दर्शन, मूसलाधार बारिश में भी नहीं रुके भक्तों के कदम
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बृहस्पतिवार को जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर रामबन जिले के डिगडोल क्षेत्र में दो बार हुए भूस्खलन से आठ घंटे तक दूसरे जत्थे के अमरनाथ यात्री फंसे रहे। बाद में उन्हें रास्ता साफ कर आगे के लिए रवाना किया गया। जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुआ 3434 श्रद्धालुओं का दूसरा जत्था देर शाम पहलगाम सुरक्षित पहुंच गया। जत्थे में 114 छोटे बड़े वाहनों में 2830 पुरुष, 599 महिला, 3 बच्चे और 160 साधु शामिल हैं। अब तक दो जत्थों में 6429 यात्री रवाना हो चुके हैं। यात्रा के लिए दो लाख से अधिक यात्रियों ने एडवांस में पंजीकरण करवाया है।
राज्यपाल ने श्राइन कैंप का दौरा कर यात्रा प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने कैंप निदेशकों को यात्रियों की सहूलियत के लिए सभी जरूरी इंतजाम पुख्ता बनाने के निर्देश दिए। बोर्ड के सीईओ उमंग नरुला ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य और यात्रा अनुमति पर ही यात्रियों को यात्रा की इजाजत दी जाएगी। बोर्ड की ओर से क्या करें, क्या न करें की हिदायतों का पूरी तरह से पालन करके यात्री अपनी यात्रा को सुरक्षित और सफल बनाएं।
यात्रियों की सुरक्षा को आरएफ का प्रयोग
जम्मू (ब्यूरो)। पहली बार अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी (आरएफ) टैग का प्रयोग किया जा रहा है। इसमें अमरनाथ यात्रियों के वाहनों की लोकेशन का पता चल जाता है। सीआरपीएफ के मोटरसाइकिल स्क्वायड को कैमरा और जीवन रक्षक उपकरणों के साथ तैनात किया गया है। पिछले साल अमरनाथ यात्री बस पर आतंकी हमले में आठ श्रद्धालुओं की मौत और 18 घायल हुए थे।
पहले बालटाल फिर पहलगाम रूट का जत्था हुआ रवाना
जम्मू (ब्यूरो)। बाबा भोले के भक्तों की आस्था और जोश को बुधवार देर रात से शुरू हुई हल्की बारिश भीडिगा नहीं पाई। खराब मौसम को देखते हुए भगवती नगर आधार शिविर में घोषणा की गई कि यात्रा निर्धारित समय से कुछ पहले रवाना होगी। फिर क्या था देखते देखते बाहर लगे वाहनों में भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। आधार शिविर से सबसे पहले बालटाल रूट के वाहनों को रवाना किया। यह जत्था लगभग साढ़े तीन बजे तवी पुल क्रॉस कर शहर में फ्लाईओवर से होते हुए गंतव्य के लिए आगे बढ़ चुका था। इस जत्थे की रवानगी के बाद पहलगाम रूट के वाहनों को रवाना किया गया। आधार शिविर से निकलने के बाद जत्थे को काफी देर तक तवी पुल पर रोका गया था क्योंकि इस जत्थे के कुछ वाहन आने रह गए थे। कड़ी सुरक्षा के बीच इन्हें आगे के लिए रवाना किया गया।