बाबा बर्फानी के श्रद्धालुओं के लिए एक अच्छी खबर है। इस बार प्रकट हुए बाबा बर्फानी की पहली तस्वीरें सामने आ गई हैं। इस साल की शिवलिंग करीब 10 से 12 फीट ऊंची है। इस गुफा का सबसे पहला दर्शन 8 लोगों की यह टोली ने किया जोकि पंजाब से आई थी। अमरनाथ यात्रा भले ही हिंदुओं की तीर्थयात्रा हो लेकिन इस यात्रा से एक मुसलमान परिवार पुराने समय से ही जुड़ा हुआ है। अमरनाथ गुफा को करीब 500 साल पहले खोजा गया था और इसे खोजने का श्रेय एक मुस्लिम, बूटा मलिक को दिया जाता है।
सूत्रों की मानें तो इस बार भी बाबा बर्फानी, माता पार्वती और पुत्र गणेश के साथ पवित्र अमरनाथ जी की गुफा में प्रकट हुए है। गौरतलब है कि हजारों लोगों ने बाबा के दर्शन के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। इस साल श्री अमरनाथ जी की यात्रा 28 जून से आरंभ होकर 26 अगस्त तक चलेगी।
दक्षिण कश्मीर स्थित हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में हिम शिवलिंग के दर्शन के लिये अब तक दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। यात्रा का समापन रक्षा बंधन पर 26 अगस्त को होगा। पिछले साल 2.60 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई थी।
यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस, पैरामिलिट्री, एनडीआरएफ व सेना के 40 हजार जवानों को सुरक्षा में लगाया गया है। आईजी जम्मू एसडी सिंह जमवाल का कहना है कि यात्रा की सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने की हर संभव तैयारियां हैं। अमरनाथ यात्रा को देखते हुए सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके तहत प्रमुख मंदिरों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड तथा अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। हाईवे के साथ ही जिस मार्ग से यात्रा गुजरेगी वहां जवानों की तैनाती है।
इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन का भी इस बार काफी इस्तेमाल किया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर आतंकवादी किसी तरह की गड़बड़ी न कर पाएं, इसके लिये सेना की टुकड़ियों को भी तैनात किया गया है। अगर आतंकवादी कहीं हमला करने की कोशिश भी करते हैं तो उस दिशा में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तत्काल वहां भेजा जा सके, इसके लिये भी इंतजाम किए गए हैं।