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तस्वीरों में देखें मंजर, स्पेशल ट्रेन से भेजे गए कश्मीर में फंसे दूसरे राज्यों के 5100 श्रमिक

Thu, 08 Aug 2019 01:27 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Thu, 08 Aug 2019 01:27 AM IST
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5100 labourer send from jammu tawi railway station who were in kashmir from special trains
जम्मू में ट्रेन में बढ़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में उपजे तनाव के बाद लागू धारा 144 के कारण श्रीनगर सहित अन्य इलाकों में फंसे हजारों की संख्या में श्रमिकों को वापस भेजने के लिए दो स्पेशल ट्रेन चलाई गईं। बुधवार को जम्मू और उधमपुर रेलवे स्टेशन से इन ट्रेनों को चलाया गया। उधमपुर से दरभंगा के लिए 20 कोच की स्पेशल ट्रेन चलाई। इसमें 18 जरनल और 2 स्लीपर बोगियां लगाई गई थीं जबकि जम्मू से चलाई स्पेशल ट्रेन के साथ सियालदा और अन्य ट्रेनों में अतिरिक्त बोगियां लगाकर तीन हजार के करीब श्रमिकों को रवाना किया गया। श्रीनगर से बुधवार को हजारों की संख्या में श्रमिक जम्मू और उधमपुर पहुंचे। 
5100 labourer send from jammu tawi railway station who were in kashmir from special trains
जम्मू में ट्रेनों में बढ़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
श्रीनगर में विभिन्न स्थानों पर फंसे श्रमिकों ने पिछले 72 घंटों को सबसे भयानक बताया। दस साल से श्रीनगर में लकड़ी का काम करने वाले जमाल ने बताया कि इससे भयानक समय कभी नहीं देखा था। बुरहान वानी की मौत के समय स्थिति तनावपूर्ण थी, लेकिन पिछले तीन दिन का मंजर ही अलग था। श्रीनगर शहर में इतने सुरक्षा बल कभी नहीं देखे हैं। जमाल ने बताया कि हालात इतने खराब हो गए कि जो कमाया था वह ठेकेदार के पास ही रह गया। पिछले तीन दिन से कुछ खाया भी नहीं है। सोमवार की रात को बस स्टैंड पहुंचे, लेकिन कोई भी बस नहीं मिली। तीन दिन बाद मंगलवार की रात एक बस मिली, जिससे जम्मू पहुंचे।
 
 
5100 labourer send from jammu tawi railway station who were in kashmir from special trains
जम्मू तवी स्टेशन पर टिकेट काउंटर पर बढ़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
श्रमिकों का कहना था कि स्थानीय लोगों ने शहर छोड़ने को कहा। स्थानीय लोगों का कहाना था बकरीद और 15 अगस्त के बाद हालात और खराब हो सकते हैं। इसलिए समय रहते यहां से चले जाओ। रेहड़ी पर काम करने वाले सोहिल ने बताया कि एक सप्ताह से रेहड़ी नहीं लगा पाए। तीन से चार दिन का ही खाने का सामान जमा किया था। वहां के हालात देखते हुए लगता नहीं कि हालात सामान्य हो जाएंगे। हालात को देखते हुए ही वापस आना पड़ा। स्थानीय लोगों ने भी वापस जाने को कहा। उनका कहना था कि हालात और खराब हो जाएंगे। जल्दी में आधा सामान भी वहीं रह गया। अब वापस जाने का फैसला हालात को देखकर ही करेंगे। श्रमिकों का कहना था कि अभी भी कुछ लोग वहां फंसे हैं। बसें नहीं होने से वह परेशान हैं, कुछ शरारती तत्वों ने हमारे लोगों से मारपीट भी की। 

 
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5100 labourer send from jammu tawi railway station who were in kashmir from special trains
जम्मू तवी स्टेशन पर बढ़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
'हमें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पिछले तीन दिन से कुछ खाया भी नहीं है। जो कमाया था वह भी वहीं रहा गया। इतना तनाव कभी नहीं देखा था। स्थानीय लोगों ने भी चले जाने को कहा।'-जहांगीर, बिहार 

 
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5100 labourer send from jammu tawi railway station who were in kashmir from special trains
जम्मू तवी स्टेशन पर बढ़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
'हमारे साथ मारपीट करने की कोशिश की गई। स्थानीय लोगों ने हमें यहां से चले जाने को कहा। उनका कहना था कि हालात और खराब हो जाएंगे। श्रीनगर बस स्टैंड पर बसों की कमी है। लोग जम्मू आना चाहते हैं लेकिन आ नहीं पा रहे हैं। सरकारी बसें नहीं चल रहीं। प्राइवेट बसों से यहां पहुंचे हैं।'-सोनू कुशवाहा, राजस्थान 

 
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