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144 साल पुरानी परंपरा के लिए हर साल खर्च होते है 500 करोड़

Mon, 09 Nov 2015 01:32 PM IST
Updated Mon, 09 Nov 2015 01:32 PM IST
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144 साल पुरानी परंपरा के ल‌िए हर साल खर्च होते है 500 करोड़

500 crore spent every year for 144-year-old tradition

जम्मू कश्मीर में हर साल एक पंरपरा न‌िभाने के ल‌िए सरकार 500 करोड़ रुपए खर्च कर देती है। यह राश‌ि साल दर साल बढ़ती चली जा रही है। दरअसल जम्मू कश्मीर में साल में दो बार राजधानी पर‌िवर्तन क‌िया जाता है।

144 साल पुरानी परंपरा के ल‌िए हर साल खर्च होते है 500 करोड़

500 crore spent every year for 144-year-old tradition

दरबार मूव परंपरा के तहत राज्य की राजधानी छह महीने जम्मू और छह महीने श्रीनगर रहती है। राज्य में 144 साल पुरानी दरबार मूव की परंपरा के तहत सोमावर को शीतकालीन राजधानी जम्मू में सचिवालय का गार्ड ऑफ ऑनर के साथ शुभारम्भ हुआ।

144 साल पुरानी परंपरा के ल‌िए हर साल खर्च होते है 500 करोड़

500 crore spent every year for 144-year-old tradition

जम्मू कश्मीर देश का एक अकेला ऐसा राज्य है जिसका दो राजधान‌ियां है। गर्म‌ियों में सच‌िवालय श्रीनगर स्थानांतर‌ित कर द‌िया जाता है। जबक‌ि सर्द‌ियों में सच‌िवालय जम्मू में आ जाता है।

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144 साल पुरानी परंपरा के ल‌िए हर साल खर्च होते है 500 करोड़

500 crore spent every year for 144-year-old tradition

प‌िछले 144 सालों से राजधानी को हो हर साल इसी तरह पर‌िवर्त‌ित क‌िया जाता रहा है। इसमें सरकार को भारी भरकम राश‌ि को खर्च करना पड़ता है।

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144 साल पुरानी परंपरा के ल‌िए हर साल खर्च होते है 500 करोड़

500 crore spent every year for 144-year-old tradition

दरबार मूव के दौरान रिकार्ड तथा कर्मचारियों को लाने के लिए सकैंड़ो ट्रक और बसों का इंतजाम क‌िया जाता है। राजधानी का पर‌िवर्तन 1872 में डोगरा शासनकाल में राज्य की प्रार्कतिक एवं भौगोलिक परिस्थितियों के चलते इसे शुरु किया गया था।

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