मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के तुलमुला स्थित माता खीर भवानी मंदिर में दो साल के बाद आज मेले का आयोजन हुआ। कोरोना के कारण वर्ष 2020 व 2021 में मेले का आयोजन नहीं किया जा सका था। इससे पहले कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित यहां पहुंचे। स्थानीय लोगों ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं का हार पहनाकर स्वागत किया।
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Kheer Bhawani Mela Ganderbal
- फोटो : बासित जरगर
श्रीनगर से करीब 25 किलोमीटर दूर तुलमुला गांव में प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ माह की अष्टमी पर यहां प्राचीन काल से मेला लगता आया है। घाटी में हाल ही में लगातार हुई लक्षित हत्याओं के बीच भय के कारण कश्मीरी पंडित समुदाय के लोगों के आने पर आशंका थी। इस बार यहां आने वालों की संख्या पहले की तुलना में कम रही। जो लोग यहां पहुंचे उनका स्थानीय लोगों ने खुली बाहों से स्वागत किया। उन्हें विश्वास है कि हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल का संदेश देश दुनिया में फैलेगा।
भाजपा के प्रदेश संगठन महासचिव अशोक कौल व पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह भी तुलमुला में माता के दरबार में पहुंचे। उन्होंने माता से जम्मू-कश्मीर में शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
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Kheer Bhawani Mela Jammu
- फोटो : संजय कुमार
जम्मू में भी लगा माता खीर भवानी का मेला
माता खीर भवानी का मंदिर जम्मू के जानीपुर में भी स्थित है। बुधवार को बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित मंदिर में पहुंचे और पूजा-अर्चना की। बुधवार तड़के ही यहां श्रद्धालु पहुंचना शुरू हो गए। एक कश्मीरी पंडित ने बताया कि जो लोग किसी कारण से गांदरबल नहीं जा सके, वे जम्मू में माता के मंदिर में हाजिरी लगाने के लिए पहुंचे।
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Kheer Bhawani Mandir Jammu
- फोटो : सोशल मीडिया
जम्मू के मंडल आयुक्त रमेश कुमार ने ज्येष्ठ अष्टमी के अवसर पर खीर भवानी मंदिर जम्मू में पूजा-अर्चना की। उन्होंने लोगों को ज्येष्ठ अष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि आशा करते हैं कि यह दिन सभी के जीवन में शांति, समृद्धि और खुशियां लाएगा।
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Kheer Bhawani Mandir
- फोटो : अमर उजाला
कहां-कहां लगता है खीर भवानी मेला
जम्मू में एक और कश्मीर में पांच मंदिरों में खीर भवानी मेलों का आयोजन किया जाता है। जम्मू के जानीपुर, कश्मीर संभाग के गांदरबल के तुलमुल्ला में, कुलगाम के मंजगाम व देवसर में, अनंतनाग के लोगरीपोरा में और कुपवाड़ा के टिक्कर में रागनी भगवती मंदिर में मेले का आयोजन होता है। इनमें से विशाल चिनार के पेड़ों की छाया में बसे तुलमुल्ला के खीर भवानी मंदिर में बड़ी संख्या में देश के विभिन्न हिस्सों में बसे कश्मीरी पंडित माता का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचते हैं।