गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड का पूरा ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है। ट्रैक्टर परेड में 20 से ज्यादा राज्यों के किसान आएंगे तो करीब एक लाख ट्रैक्टर परेड में रहेंगे। एक ट्रैक्टर पर 4-5 किसान ही बैठ सकेंगे तो इस ट्रैक्टर परेड में पांच हजार से ज्यादा वालंटियर वाकी टॉकी के साथ पूरी व्यवस्था को संभालेंगे, जिससे कोई शरारती तत्व शामिल होकर माहौल न बिगाड़ सके।
20 से ज्यादा राज्यों से आएंगे अन्नदाता, एक लाख ट्रैक्टर करेंगे मार्च, परेड की किसानों ने की तैयारी 'हैरतअंगेज'
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उन वालंटियर के पास हरे रंग की जैकेट होगी तो हर किसी के पास फर्स्ट एड बॉक्स भी होगा। इसके साथ ही किसान नेताओं ने यह साफ कर दिया है कि आउटर रिंग रोड पर निकलने वाली इस परेड में जगह-जगह से किसान शामिल होंगे। हालांकि किसान नेताओं ने ट्रैक्टर परेड के लिए पूरी व्यवस्था की है लेकिन परेड को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराना किसान नेताओं के लिए बड़ी चुनौती है। कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर किसान पिछले 57 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं और सरकार से कई दौर की बातचीत के बाद भी कोई फैसला नहीं हो सका है। जिससे किसानों ने दिल्ली में आउटर रिंग रोड पर ट्रैक्टर परेड निकालने का एलान किया है।
परेड को किसान एतिहासिक बनाने की तैयारी में जुटे हुए हैं और इसका पूरा ब्लू प्रिंट तैयार करजारी किया गया है। गणतंत्र दिवस की ट्रैक्टर परेड के लिए किसान नेता अलग-अलग राज्यों में पहुंचकर ज्यादा से ज्यादा किसानों से दिल्ली की सीमा पर पहुंचने का आह्वान कर रहे हैं। किसान नेताओं का दावा है कि गणतंत्र दिवस की ट्रैक्टर परेड में 20 राज्यों से ज्यादा के किसान हिस्सा लेंगे। इन राज्यों पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, तमिलनाडु, केरल शामिल हैं।
किसान नेताओं के अनुसार दिल्ली के नजदीकी राज्य पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड के किसान ट्रैक्टर लेकर शामिल होंगे और इस तरह एक लाख से ज्यादा ट्रैक्टर परेड में होंगे। जबकि अन्य राज्यों से केवल किसान आकर परेड में शामिल होंगे। यह परेड दिल्ली में आउटर रिंग रोड से निकालने की घोषणा किसान नेता पहले ही कर चुके हैं तो अब यह भी साफ कर दिया गया है कि इस परेड में किसान जिस जगह से चाहे, अपनी सुविधा के अनुसार शामिल हो सकते है। इसकी शुरूआत सिंघु बॉर्डर से की जाएगी।
पांच हजार वालंटियर हरे रंग की जैकेट में रहेंगे, वॉकी टॉकी पर सूचना देंगे
किसान ट्रैक्टर परेड में शरारती तत्व शामिल होकर माहौल बिगाड़ सकते हैं और यह चिंता किसान नेताओं के साथ ही दिल्ली पुलिस तक को सता रही है। इसको देखते हुए ही किसानों ने खुद ही पूरी व्यवस्था संभालने की तैयारी की हुई है। इसका पूरा जिम्मा सांझी सत्थ संस्था ने उठाया हुआ है, जिसके पंजाब, हरियाणा, दिल्ली के करीब पांच हजार वालंटियर पूरी व्यवस्था को संभालेंगे।