कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी के हत्याकांड में सोमवार रात को पुलिस ने हत्यारोपी सचिन और हिमानी के भाई का आमना-सामना कराया। भाई के सामने आते ही हत्यारोपी ने सिर झुका लिया। जब हिमानी के भाई जतिन ने कहा कि इब तो राज्जी है...म्हारी बाहण नै मारकै, म्हारा तो सब लूट लिया। इस पर हत्यारोपी ने कहा कि गलती हो गई। पुलिस ने हिमानी के भाई और हत्यारोपी का करीब ढाई मिनट तक आमना-सामना कराया। आरोपी सचिन ने भी हत्या की बात कबूल की और कहा कि गुस्से में कदम उठ गया था।
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हिमानी का भाई जतिन
- फोटो : अमर उजाला
हिमानी की हत्या के पीछे केवल सचिन उर्फ ढिल्लू का नाम आया तो परिजनों को विश्वास नहीं हुआ। हालांकि, उसके साथ किसी तरह का कोई विवाद नहीं था। ऊपर से पुलिस ने जब रुपये के लेनदेन की बात कही तो परिजन ने इस कहानी को गले न उतरने की बात कही।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी सचिन
- फोटो : अमर उजाला
सचिन ने हत्या की बात कबूली
इसके बाद पुलिस के सामने हत्यारोपी और परिजन का आमना-सामना कराने के सिवाय कोई रास्ता नहीं था। सोमवार को दिनभर पुलिस की कार्रवाई के बाद रिमांड पर लेने के बाद दोनों का आमना-सामना कराया गया। जब सचिन ने हत्या की बात कबूल की तो हिमानी के परिजन को थोड़ा विश्वास हुआ, लेकिन परिजन अभी भी पुलिस की थ्योरी पर पूरा विश्वास नहीं कर रहे हैं।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी सचिन
- फोटो : अमर उजाला
27 फरवरी को थी हत्या की साजिश, लेकिन पुलिस के आने से बदला प्लान
कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल सचिन ने आवेश या गुस्से में नहीं बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ की है। हिमानी की हत्या करने का प्लान वह काफी पहले से बना रहा था। वारदात से एक दिन पहले 27 फरवरी को भी सचिन ने हिमानी की हत्या का षड्यंत्र रचा था, लेकिन उस दिन गली में किसी विवाद के कारण पुलिस आ गई थी।
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हिमानी नरवाल की फाइल फोटो
- फोटो : Facebook@Himani Narwal II
काफी समय तक घर के पास गली में पुलिस की गाड़ी रहने के कारण वह अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाया था। अगले दिन उसने योजनाबद्ध तरीके से हिमानी की हत्या को अंजाम दिया और सूटकेस में शव लेकर सांपला पहुंचा था। हिमानी के भाई जतिन ने यह अंदेशा जताया है।