हरियाणा के पानीपत में चुलकाना धाम से दर्शन कर घर लौट रहे श्रद्धालुओं की ईको गाड़ी और ट्रैक्टर-ट्राली में आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। हादसे में तीन चचेरे भाइयों की मौत हो गई, जबकि चालक और एक बच्ची समेत चार लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इसमें तीन लोगों को रोहतक पीजीआई के लिए रेफर कर दिया गया। दुर्घटना मंगलवार की सुबह करीब छह बजे अहर गांव के समीप हुई। सूचना पर मतलौडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इससे पहले आरोपी ट्रैैक्टर ट्राली चालक मौके से फरार हो गया। जींद के गांव कालवा निवासी संदीप पुत्र बलवान सिंह ने बताया कि वह फिलहाल पिल्लूखेडा में रहते हैं। उनके पूर्वज हर साल समालखा स्थित चुलकाना धाम में श्री श्याम बाबा के दर्शन करने आते थे। तभी से उनके घर में यह परंपरा चल रही है। इसी के तहत वह परिवार के 11 सदस्यों के साथ गांव कालवा निवासी सोमदत्त की ईको गाड़ी में सवार होकर सोमवार की रात एक बजे रवाना हुए थे।
पानीपत में दर्दनाक हादसा: श्रद्धालुओं की गाड़ी और ट्रैक्टर-ट्राली में आमने-सामने की भिड़ंत, तीन चचेरे भाइयों की मौत
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मंगलवार सुबह पांच बजे दर्शन कर वे सभी घर लौट रहे थे। इस दौरान जब वह अहर-कुराना गांव के पास पहुंचे तो सामने से एक ट्रैक्टर-ट्राली ने ईको गाड़ी में टक्कर मार दी। हादसे में पिल्लूखेडा मांडी निवासी सचिन (24) पुत्र सज्जन, सुशील (26) पुत्र रामनिवास और गांव कालवा निवासी विकास (19) पुत्र राजकुमार की मौके पर ही मौत हो गई, तीनों चचेरे भाई थे। वहीं हादसे में जान गंवाने वाले सुशील की छह वर्षीय बेटी साक्षी, ईको चालक सोमदत्त (25), विक्रम (20) और रुपेंद्र (16) गंभीर रूप से घायल हो गए। इसमें साक्षी, सोमदत्त और रुपेंद्र को पीजीआई रेफर कर दिया गया है, जबकि विक्रम का उपचार स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।
दो भाई और एक बहन में सबसे छोटा था सचिन
पिता सज्जन सिंह ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करते हैं। उनके तीन बच्चों में सचिन सबसे छोटा था, जबकि बड़ा बेटा गुलाब और बेटी वर्षा उससे बड़े हैं। उन्होंने बताया कि सचिन ट्रक की बॉडी बनाने का काम करता था और अभी अविवाहित था।
12वीं कक्षा का छात्र था विकास, सेना में भर्ती होकर करना चाहता था देश सेवा
पिता राजकुमार ने बताया कि उसके चार बच्चे हैं, जिनमें दो लड़के और दो लड़की हैं। बड़ी बेटी अन्नू, फिर विकास, मुस्कान और वंश हैं। विकास दूसरे नंबर का बेटा था। वह 12वीं कक्षा का छात्र था। विकास सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहता था और इसके लिए वह तैयारी कर रहा था।
दो बच्चों का पिता था सुशील
रामनिवास ने बताया कि उसके चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और दो बेटी हैं। बेटी कौशल्या और ममता तथा बेटे सुशील और संतराम है। हादसे में जान गंवाने वाला सुशील शादीशुदा था और उसके दो बच्चे हैं, जिनमें बड़ी बेटी छह वर्षीय साक्षी और दो वर्षीय निशांत हैं। हादसे में साक्षी भी गंभीर रूप से जख्मी हो गई है।
पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों के बयान पर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। - प्रदीप कुमार, मतलौडा थाना प्रभारी