प्रदीप की घर में सभी से 15 दिन पहले फोन पर बात हुई थी। वह खुशी-खुशी बात कर रहा था। उसने प्रमोशन के साथ जुलाई में ही घर आने को कहा था, लेकिन यह सब सपना ही रह गया। अब तिरंगे में लिपटा हुआ आएगा। इतना कहते हुए प्रदीप के पिता बलवान सिंह का गला रुंध गया। अपने आपको संभालते हुए उन्होंने कहा कि उनका सभी कुछ खत्म हो गया। उनका इकलौता बेटा हमेशा के लिए दूर चला गया। वह दो महीने पहले छुट्टी काटकर घर से जल्दी ही वापस आने के लिए ड्यूटी पर गया था।
कुलगाम में आतंकियों सेे मुठभेड़ में बलिदान हुए प्रदीप नौ वर्ष पहले सेना में भर्ती हुए थे। उनकी काबिलियत को देखते हुए पैरा कमांडो बनाया गया। बलिदानी प्रदीप नैन परिवार में अपने पीछे पिता बलवान सिंह, माता रामस्नेही और पत्नी मनीषा को छोड़ गए हैं। बलिदानी प्रदीप की पत्नी गर्भवती हैं और वह जल्द ही पिता बनने वाले थे।
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बलिदानी प्रदीप नैन का घर।
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प्रदीप के पिता खेती-बाड़ी करते हैं। घर का सारा खर्च प्रदीप के वेतन से ही चलता था, लेकिन अब यह सहारा नहीं रहा है। बलिदानी प्रदीप पैराकमांडो में स्काई डाइवर थे जो लगभग 100 बार स्काई डाइविंग कर चुके थे। प्रदीप नैन पढ़ने में भी काफी होशियार थे। उसके बैच में 350 जवान शामिल हुए थे, जिसमें 25 का चयन हुआ था और उनमें तीन जवान जिला जींद से थे, उनमें प्रदीप भी शामिल थे। प्रदीप नैन की शादी मनीषा के साथ 18 मार्च 2021 में की थी। प्रदीप अपनी बहन मंजूबाला के इकलौते भाई थे। दोनों की शादी एक साथ हुई थी।
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प्रदीप नैन
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पत्नी निजी अस्पताल में भर्ती, मां हुईं बेसुध
पति प्रदीप नैन के बलिदान होने की खबर सुनते ही गर्भवती पत्नी मनीषा की हालत खराब हो गई। उनकी आंखों से आंसू नहीं रुक रहे थे। हालत बिगड़ने पर उकलाना के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। बलिदानी प्रदीप नैन की माता रामस्नेही ह्रदय रोग से पीड़ित हैं। बेटे के बलिदान होने की सूचना के बाद से ही वह बेसुध हालत में है। रविवार को हिसार कैंट से कुलदीप कमांडो, बुटा सिंह और कुलदीप सिंह बलिदानी प्रदीप के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।
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बलिदानी के पिता को ढांढस बंधाते हुए आए हुए सेना के जवान।
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बचपन से था सेना में शामिल होने का जुनून
बलिदानी प्रदीप नैन के पिता बलवान सिंह ने बताया कि प्रदीप का बचपन से ही सेना में शामिल होने का जुनून था। प्रदीप का 2015 की भर्ती में भारतीय सेना में चयन हुआ था। बेटे प्रदीप ने इस भर्ती से पहले भी दो बार सेना में जाने का प्रयास किया था, लेकिन वह असफल रहा। उसने हार नहीं मानी थी, फिर कड़ी मेहनत की और 2015 में सेना में भर्ती होकर दिखाया।
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बलिदानी प्रदीप की माता रामस्नेही। बलिदानी प्रदीप के पिता बलवान सिंह।
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राजकीय सम्मान के साथ गांव में आज होगा अंतिम संस्कार
बलिदानी प्रदीप नैन का पार्थिव शरीर रविवार दोपहर को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। इसके बाद पार्थिव शरीर को हिसार के मिलिट्री अस्पताल में लाया गया था जहां से सोमवार सुबह बलिदानी के पैतृक गांव जाजनवाला लाया जाएगा। वहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।