जम्मू-कश्मीर के शोपियां में आतंकवादियों की फायरिंग के दौरान शहीद हुए हरियाणा के चरखी दादरी जिले के महराणा निवासी सूबेदार श्रीओम गौतम शनिवार शाम पंचतत्व में विलीन हो गए। गांव में राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संसार किया गया। शहीद के मुखाग्नि बेटे योगेश ने दी, जबकि बेटी जयंती पिता की पार्थिव देह के दर्शन करते ही जयहिंद पापा बोली। जांबाज को अंतिम विदाई देने जनसैलाब उमड़ा।
बता दें कि महराणा निवासी सूबेदार एवं अंतरराष्ट्रीय पहलवान श्रीओम गौतम जम्मू-कश्मीर के शोपियां में तैनात थे। शहीद के अंतिम संस्कार में पहुंचे उनके साथी सूबेदार संजीव ने बताया कि आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ के दौरान सूबेदार श्रीओम गौतम की टीम जवानों को बेकअप देने जा रही थी। मुठभेड़ स्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर पहाड़ी पर छिपकर बैठे आतंकवादियों ने फायरिंग कर दी। फायरिंग के दौरान सेना के जवानों की गाड़ी अनियंत्रित होकर एक बिल्डिंग से टकरा गई जिसमें तीन जवान वीरगति को प्राप्त हुए और उनमें सूबेदार श्रीओम गौतम भी थे।
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शहीद को नमन करते सांसद धर्मबीर सिंह। शहीद की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू-कश्मीर से शनिवार सुबह उनकी पार्थिव देह दिल्ली और दोपहर बाद गांव पहुंची। उनकी अंतिम यात्रा में जजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला, सांसद धर्मबीर सिंह, पूर्व विधायक एवं किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र मांढ़ी, पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान समेत डीसी प्रदीप गोदारा, तहसीलदार बंसीलाल और नायब तहसीलदार कृष्ण समेत सैकड़ों की संख्या में लोगों ने भाग लिया।
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शहीद सूबेदार श्रीओम का फाइल फोटो, शहीद की फोटो के साथ पत्नी वे बेटा बेटी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पत्नी कविता बोली: पति को खोने का गम, शहादत पर गर्व
शहीद की पत्नी कविता का कहना है कि उसे पति को खोने का गम तो है, लेकिन उससे कहीं अधिक उनकी शहादत पर फक्र है। कविता का कहना है कि बेटे योगेश को भी वह सेना में भेजेंगी। कविता ने बताया कि वीरवार दोपहर को ही उसकी और बच्चों की फोन पर श्रीओम से बात हुई थी।
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शहीद की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिले की सड़कों और गांव की गलियों में गूंजे नारे, अंतिम यात्रा में 2000 से अधिक लोग हुए शामिल
शहीद सूबेदार श्रीओम गौतम अमर रहे। जब तक सूरज-चांद रहेगा, श्रीओम तेरा नाम रहेगा। शनिवार को महराणा गांव की गलियां इन नारों से गूंज उठी। महराणा निवासी जाबांज की शनिवार शाम गांव में अंत्येष्टि की गई, जिसमें दो हजार से अधिक लोग शामिल हुए। सैन्य और पुलिस टुकड़ी ने मातमी धुन के साथ हवाई फायर कर शहीद को सलामी दी। परिजनों के शहीद के अंतिम दर्शन करते समय लोग भावुक हो उठे।
महराणा निवासी श्रीओम गौतम 1998 में सेना में भर्ती हुए थे। उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के शोपियां में थी। 24 साल की सेवा के दौरान वो सिपाही से सूबेदार पद तक पहुंचे थे। गत वीरवार को आतंकी हमले में वो वीरगति को प्राप्त हुए थे और उनकी पार्थिव देह शनिवार को घर पहुंचनी थी।
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शहीद को मुखाग्नि देता बेटा योगेश। अपने लाल के अंतिम दर्शन करता शहीद का पिता शिव कुमार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके चलते सुबह से ही महराणा में शहीद के घर लोगों का आना-जाना शुरू हो गया। पार्थिव देह के झज्जर पहुंचने की सूचना मिलते ही महराणा पहुंचे युवा 100 से अधिक बाइकों और गाड़ियों के जत्थे के साथ दादरी पहुंच गए। करीब साढ़े तीन बजे पार्थिव देह दादरी पहुंची और करीब चार बजे सेना की गाड़ी पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंच गई। यहां, शहीद की पत्नी कविता, बेटे योगेश, बेटी जयंती, पिता शिव कुमार और अन्य परिजनों ने अंतिम दर्शन किए।
शाम करीब पांच बजे गांव के पशु अस्पताल में शहीद सूबेदार श्रीओम गौतम की अंत्येष्टि की गई। इस दौरान सेना और पुलिस की टुकड़ी ने हवाई फायर कर सलामी दी और जिला प्रशासन समेत राजनेताओं व गण्यमान्य लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।