गोरखपुर में यास तूफान की वजह से गुरुवार रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार रात तक लगातार होती रही। इससे शुक्रवार को पूरे दिन लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त रही। शहर के कई इलाकों में बिजली का संकट होने से पेयजल की भी समस्या खड़ी हो गई। कोरोना कर्फ्यू के बीच बारिश के कर्फ्यू से सड़क पर लोग बहुत ही कम दिखे। शनिवार को भी मौसम के ऐसे ही बने रहने के आसार है। रविवार को तूफान का असर कुछ कम हो सकता है।
गोरखपुर में यास का असर: रिकार्ड तोड़ बारिश ने लोगों को किया हैरान, तस्वीरों में देखें शहर का पूरा हाल
गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि यास तूफान की वजह से शनिवार को भी गोरखपुर में अच्छी खासी बारिश की संभावना है। वहीं इसका प्रभाव 30 मई को भी बना रहेगा। पूरे दिन बादल छाए रहेंगे। हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है।
शहर के निचले इलाकों में भरा पानी
लगातार बारिश की वजह से शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। साहबगंज, दाउदपुर, रेती रोड, बक्शीपुर, बशारतपुर, इंजीनियर कॉलेज वार्ड समेत शहर के कई इलाकों में लोगों को जलभराव से परेशानी हुई। नगर निगम की ओर से लगाए गए पंपों की वजह से थोड़ी राहत जरूर दिखी। लेकिन बारिश तेज होने पर पानी फिर भर जा रहा था।
मई में बारिश का भी बन रहा नया रिकॉर्ड
इस बार मई में अबतक 275 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि मई में औसत बारिश सिर्फ 45 मिलीमीटर ही है। इस हिसाब से इस बार की मई में अब तक औसत से छह गुना से भी अधिक बारिश हो चुकी है जबकि अभी तीन दिन बाकी हैं। इस वर्ष की मई में हुई बारिश का अबतक का आंकड़ा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 121 वर्षों में सर्वाधिक है।
सामान्य तौर पर मई में अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री के आसपास और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रहता है लेकिन पहले अरब के चक्रवाती तूफान ताउते और फिर बंगाल के तूफान यास ने मई की गर्मी को ठंडा कर दिया है। इस बार की मई में तापमान के आंकड़े इसकी गवाही हैं। यास तूफान के बाद गोरखपुर में अधिकतम तापमान लुढ़क कर 30 डिग्री के भी नीचे जा पहुंचा है। वहीं न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। कैलाश पांडेय के मुताबिक अगले दो दिन में अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।